नहीं रहे भारतीय राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ अटल बिहारी वाजपेयी, 93 साल की उम्र में निधन

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Updated on 16 Aug, 2018 at 6:07 pm

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भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 93 वर्षीया उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में शाम 5.05 मिनट पर उन्होंने अन्तिम सांस ली। वह पिछले दो महीनों से एम्स अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन पिछले 36 घंटे में उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। कल रात से ही उनके स्वस्थ्य में गिरावट की खबरें आ रही थी। आज सुबह से देश के कई बड़े नेता उनका हाल चाल जानने एम्स पहुंचे हुए थे।

 

Atal Bihari Vajpayee (अटल बिहारी वाजपेयी)

 


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उनके निधन पर देश में शोक पसर गया है। राजनीति के महारथी रहे अटलजी को याद कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

 

 

 

 

 

अटल बिहारी वाजपेयी को किडनी की नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह पीड़ित अटल जी की एक ही किडनी काम कर रही थी।

 

Atal Bihari Vajpayee (अटल बिहारी वाजपेयी)

 

2009 में उन्हें स्ट्रोक आया था जिसके बाद उनकी सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो गई। बाद में वह डिमेंशिया से भी पीड़ित हो गए। जैसे-जैसे उनकी सेहत गिरती गई, धीरे-धीरे उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से दूर कर लिया।

 

Atal Bihari Vajpayee (अटल बिहारी वाजपेयी)

 

अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है। वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

 

Atal Bihari Vajpayee (अटल बिहारी वाजपेयी)

 

अटल जी अपनी कुशल रणनीति के लिए जाने गए। ओजस्वी भाषणों की देश-दुनिया में उनकी प्रशंसा हुई। उन्होंने भारतीय राजनीति पर ऐसा प्रभाव छोड़ा कि देश की राजनीति के पितामह कहे जाने लगे।

 

Atal Bihari Vajpayee (अटल बिहारी वाजपेयी)

 

अटल बिहारी वाजपेयी ऐसी शख्सियत हैं जिनका जीवन निर्विवाद रहा। अपने कार्यकाल में अटलजी पर व्यक्तिगत किसी भी प्रकार का आरोप नहीं लगा।


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