‘अब तक छप्पन’ के असिस्टेंट डायरेक्टर ने की खुदकुशी, वजह मायानगरी के कड़वे सच को बयां करती है

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Updated on 12 Jul, 2018 at 2:29 pm

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दूर से आपको मुंबई मायानगरी चकाचौंध से भरी लगती होगी। यहां बॉलीवुड हस्तियों का जमावड़ा जो है। लेकिन इससे जुड़ा एक कडवा सच ये भी है कि इस ग्लैमरस दुनिया के पीछे सब कुछ चकाचौंध नहीं होता।

‘अब तक छप्पन’ से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करने वाले असिस्टेंट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर रविशंकर आलोक ने मुंबई में अपनी ब‍िल्‍ड‍िंग की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। नाना पाटेकर स्टारर इस फिल्म को क्रिटिक्स के सतह साथ दर्शकों ने भी खूब सराहा था। फिल्म ‘अब तक छप्पन’ को नाना पाटेकर की बेहद सफल फिल्मों में से एक गिना जाता है।

 

 

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, रविशंकर डिप्रेशन का शिकार थे। उनके पास पिछले एक साल से कोई काम नहीं था। माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया।


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बताया जा रहा है कि उनके पास न जरूरत पूरी करने के लिए और न ही घर का किराया देने के लिए पैसे बचे थे। डिप्रेशन में होने के कारण उनका इलाज भी चल रहा था। रविशंकर आलोक मुंबई के वर्सोवा इलाके में रहते थे।

 

पुलिस के मुताबिक, 11 जुलाई रात करीब 2 बजे उन्होंने अपने घर की बिल्डिंग से कूद कर आत्महत्या की। हालांकि, पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लिहाजा पुलिस इस केस के हर पहलू की जांच कर रही है।

 

 

आपको बता दें पेशे से स्क्रिप्ट राइटर असिस्टेंट डायरेक्टर रविशंकर ने फिल्म ‘अब तक छप्पन’ में शिमित अमीन के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। 2004 में रिलीज हुई ये फिल्म काफी लोकप्रिय हुई थी।

 

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