अब सेना के हर जवान को मिलेगा वर्ल्ड क्लास हेलमेट, 9MM की बुलेट भी होगी बेअसर

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Updated on 18 Jan, 2017 at 4:51 pm

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आखिरकार एक लंबे इन्तजार के बाद, पहली बार सेना के हर जवान को विश्वस्तर के हेलमेट मिलने जा रहे हैं।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पहली बार, भारतीय सेना के हर जवान को विश्वस्तरीय हेलमेट दिए जाएंगे। ये हेलमेट सैनिकों के साजों सामान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे और जवानों  को दुश्मनों के प्रहार से बचाने में सक्षम होंगे।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि कानपुर की एमकेयू इंडस्‍ट्रीज को 1.58 लाख हेलमेट बनाने का ऑर्डर दिया गया है। यह पिछले दो दशकों में सेना की ओर से हेलमेट के लिए दिया गया पहला बड़ा ऑर्डर है।

कहा जा रहा है कि कंपनी के साथ हेलमेट्स की ये डील 170-180 करोड़ में हुई है। इन खास हेलमेट्स को बनाने का काम भी शुरू हो गया है। खबर के मुताबिक, अगले तीन सालों के भीतर भारतीय सेना को ये आधुनिक हेलमेट्स सौंप दिए जाएंगे।

आपको बता दें कि एमकेयू इंडस्‍ट्रीज भारत और जर्मनी के अलावा दुनिया की कई और सेनाओं के लिए क्‍वालिटी प्रोडक्‍ट्स बनाती है। इस कंपनी को बुलेट प्रूफ जैकेट्स और हेलमेट जैसे कई अहम साधनों को बनाने में, दुनिया की बेहतरीन कंपनियों में से एक माना जाता है।


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हेलमेट्स की खासियत की बात करे तो ये नए हेलमेट 9MM की गोली को झेलने में सक्षम होंगे, चाहे उसे कम दूरी से ही क्यों न चलाया गया हो।

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वैश्विक मानकों पर खरे उतरने वाले ये हेलमेट पहननने में सहज होंगे, जो कई आधुनिक संचार उपकरणों से लैस होंगे।

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गौरतलब है कि करीबन 10 साल पहले भारतीय सेना के पैरा कमांडोज को इजरायल में बनी ओआर-201 हेलमेट्स दिए गए थे जो कि जीआरपी यानी ग्‍लास रिइनफोर्स्‍ड प्‍लास्टिक से बने हुए थे। वहीं, सेना के अन्य नियमित जवानों को अभी भारत में बने और काफी वजन वाले देसी हेलमेट्स से काम चलाना पड़ता है, जो युद्ध जैसी स्थितियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। जवाबी कार्रवाई में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना को बुलेट प्रूफ़ ‘पटका’ पहनना होता है, जिसका वजन ही 2.5 किलोग्राम होता है।

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