सेना ने दिए गांव खाली करने के आदेश, डोकलाम पर चीन के फर्जी दावे को भूटान ने किया खारिज

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Updated on 10 Aug, 2017 at 5:35 pm

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डोकलाम में भारतीय सेना ने आसपास के गांवों को खाली कराने का आदेश दिया है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि यह आदेश डोकलाम की तरफ बढ़ रहे सेना के जवानों को ठहराने के लिए खाली कराया गया है, या फिर किसी मुठभेड़ की स्थिति में नागरिकों को हताहत होने से बचने के लिए।

सीमा पर तैनात भारत और चीन के सैनिक।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, डोकलाम से करीब 35 किलोमीटर दूर नाथांग गांव में ग्रामीणों को इसे खाली करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में ग्रामीणों के हवाले से बताया गया है कि इस इलाके में सैनिकों की मुवमेन्ट बढ़ गई है। भारतीय सेना ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इन्कार किया है। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह रूटीन सालाना अभ्यास का हिस्सा है, जो सितम्बर के महीने में आयोजित की जाती है। यह अभ्यास इस बार पहले किया जा रहा है।

…तो क्या युद्ध होकर रहेगा?

इस बीच, चीन ने डोकलाम में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी है। बताया गया है कि सीमा पर चीनी इलाके में 80 तंबू गाड़े गए हैं। माना जा रहा है कि यहां करीब 300 चीनी सैनिकों की मौजूदगी है। भारतीय इलाके में भी करीब इतने ही सैनिक मौजूद हैं। हालांकि, यहां तंबुओं की संख्या 30 के करीब है।


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भारत और चीन की सीमा का एक दृश्य।

डोकलाम पर चीन के फर्जी दावे को भूटान ने किया खारिज

उधर, भूटान द्वारा डोकलाम को चीन का हिस्सा मानने वाले पेइचिंग के बयान का थिंपू ने पुरजोर खंडन किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि भूटान ने डोकलाम को चीन हिस्सा मान लिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की एक वरिष्ठ राजनयिक वांग वेनली का दावा था कि भूटान ने कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए पेइचिंग के पास यह संदेश भेजा है कि जिस इलाके में भारत और चीन की सेनाएं एक-दूसरे के सामने खड़ी हैं, वह उसका क्षेत्र नहीं है। अब भूटान ने अब चीन का दावा खारिज कर दिया है।



भूटान सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने एएनआई को बतायाः

‘डोकलाम मुद्दे पर हमारा नजरिया बिल्कुल ही स्पष्ट है। आप हमारा नजरिया 29 जून 2017 को भूटान विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित बयान से समझ लें।’

पिछले 29 जून को भूटान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि भूटान की सीमा में सड़क निर्माण दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े समझौते का सरासर उल्लंघन है।

डोकलाम विवाद पर चीन कई बार भारत पर हमले की धमकी दे चुका है। हालांकि, भारत ने कहा है कि इस मामले का सौहार्द्रपूर्ण हल निकल सकता है।


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