जानिए आखिर सेना क्यों दे रही थी PoK की जमीन के लिए किराया?

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Updated on 7 Feb, 2017 at 12:41 pm

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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भारतीय सेना पिछले 16 साल से एक ऐसी जमीन का किराया भर रही थी, जो पाकिस्तान अधीकृत कश्मीर में है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि पीओके में स्थित चार प्लाट्स का किराया किसके कहने पर और किसकी जेब में जाता रहा है।

इस मामले की अब सीबीआई जांच शुरू हो गई है।


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इस रिपोर्ट में सीबीआई में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार कहा गया है कि खसरा नंबर- 3,000, 3,035, 3,041, 3,045 की 122 कनाल और 18 मारला जमीन का इस्तेमाल भारतीय सेना कर रही है। लेकिन असल में यह जमीन पाकिस्तान अधीकृत कश्मीर में है। पंजीकृत कागजातों के आधार पर कहा गया है कि यह जमीन वर्ष 1969-70 की है और इसका मालिक मकबूजा नामक कोई व्‍यक्ति रहा है। यह व्यक्ति पाकिस्तान अधीकृत कश्मीर का नागरिक है। सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि सेना ने यह जमीन अधिग्रहित की थी।

इस जमीन के किराए के रूप में एक बड़ी राशि सरकारी खजाने से निकाली जा रही थी। इसे साजिश माना जा रहा है। हालांकि, अब तक यह पता नहीं चल सका है कि इसके सूत्रधार कौन लोग रहे हैं।

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस घोटाले में सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

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