मात्र 23 साल की उम्र में इस बेटी ने हासिल किया सेना में बड़ा पद, माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय

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Updated on 24 Aug, 2016 at 5:01 pm

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‘पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढेगा इंडिया’, शिक्षा रुपी दीपक इंसान की सफलता की एक अहम कुंजी है। ऐसे ही दीपक की रोशनी में, भारत की एक बेटी, अपनी शिक्षा, अपनी मेहनत के बलबूते पर 23 साल की उम्र में ही भारतीय सेना में ऊंचे पद पर पहुंच गई है।

हरियाणा के मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाली 23 साल की शहनाज की नियुक्ति आर्मी के ज्यूडिशियल विभाग में एडवोकेट जनरल के पद पर हुई है।

इस पद में नियुक्ति हेतु कई चरणों, आर्मी सिलेक्शन बोर्ड की लिखित परीक्षा व मेडिकल टेस्ट को पार करते हुए, शहनाज पहली महिला हैं, जो इस पद तक पहुंची हैं। जिस विभाग में शहनाज का चयन हुआ है, उसमें आर्मी के आंतरिक मामलों, कोर्ट मार्शल से लेकर अन्य कर्मचारियो के न्यायिक मामलो की सुनवाई होती है।

शहनाज बताती हैं कि चयन प्रक्रिया के वक्त फेस रीडिंग से लेकर एटीटयूड और पर्सनल्टी के साथ-साथ आपके अनुभव को भी काफी बारीकी से परखा जाता है।



रिटायर्ड मेजर सूबेदार आसू खान की बेटी शहनाज अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं, जिन्होंने हर कदम, हर निर्णय में शहनाज का साथ दिया।


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