सेना प्रमुख ने मेजर गोगोई की थपथपाई पीठ, कहा- उन्होंने जो किया वह है काबिलेतारीफ

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Updated on 24 May, 2017 at 6:31 pm

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कश्मीर में कुछ समय पहले भारतीय सेना का एक विडियो बेहद वायरल हुआ था। विडियो में दिख रहा था कि आर्मी जीप में एक शख्स को बांधकर घुमाया जा रहा था।

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इस शख्स को जीप से बांधने वाले सेना के मेजर नितिन गोगोई के इस कदम को कई लोगों ने जहां सराहा, वहीं कईयों ने इसकी निंदा भी की। लेकिन सेना ने मेजर गोगोई के इस कदम को सही बताते हुए उनकी तारीफ की और उन्हें सम्मानित भी किया।

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मेजर नितिन गोगोई indianexpress


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मेजर गोगोई को आतंकवादी विरोधी अभियान में निरंतर प्रयास करने के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के कमेंडेशन कार्ड से पुरस्कृत किया गया। उन्हें यह सम्मान सेनाध्यक्ष बिपिन रावत द्वारा दिया गया। उनके इस सम्मान में कई लोगों ने सवाल भी खड़े किए। मसलन जानी-मानी लेखिका शोभा डे ने मेजर गोगोई को राष्ट्रीय हीरो कहे जाने पर सवाल खड़ा किया। शोभा डे ने ट्वीट कर कहा-

“मेजर गोगोई, एक राष्ट्रीय हीरो? सच? अगर आपमें हिम्मत है तो सच जानने के लिए देश में पोल करा लीजिए?”



उधर, जदयू और सीपीआई जैसे राजनीतिक दलों ने इसे कश्मीर में स्थिति बिगाड़ने वाला फैसला बताया। वहीं, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग और गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने मेजर गोगोई का समर्थन करते हुए उन्हें देश का नायक बताया।

अब इसी कड़ी में भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मेजर नितिन गोगोई को मिले सैन्य सम्मान की तारीफ की और उन पर उठ रहे सवालों पर लगाम लगाई।

अंग्रेजी अखबार ‘इकनॉमिक टाइम्स’ को दिए अपने इंटरव्यू में जनरल रावत ने गोगोई के फैसले की प्रशंसा करते हुए इसे एक सही फैसला बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि मेजर गोगोई ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है जिसके लिए उनपर कारवाई की जाए। लिहाजा मेजर गोगोई के खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहाः

“मुझे जो जानकारी मिली है उसमें गोगोई ने कोई अपराध नहीं किया और उनके खिलाफ किसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जरूरत नहीं है। अगर वह किसी कमी को दोषी पाए भी गए तो उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि मेजर गोगोई ने जो किया वह जम्मू कश्मीर की विषम परिस्थितियों में काम कर रहे सेना के जवानों का आत्मबल बढ़ाने में कारगर होगी।

मेजर गोगोई को मिले सम्मान को लेकर भी सेना प्रमुख बिपिन रावत ने अपनी प्रतिक्रिया रखी। वीरता का सम्मान दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा-

“इस तरह के पुरस्कार 26 जनवरी या 15 अगस्त को ही दिए जाते हैं, लेकिन इस तरह की कार्रवाई के लिए तुरंत सम्मान दिए जाने की आवश्यकता थी। जवानों को रोज विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ता है जहां इस तरह की घटनाएं रोज होती हैं। यह सुरक्षा बलों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होगा।”


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