बिना ऑक्सीजन साथ लिए ‘कंचनजंघा’ को फतेह करेगा यह युवा पर्वतारोही

Updated on 29 Mar, 2018 at 5:50 pm

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हौसले बुलंद हों तो उपलब्धियां हासिल करने में आसानी होती है। बुलंद हौसलों की बदौलत आप बड़ी से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। मुसीबतों के पहाड़ बड़ी आसानी से पार होते हैं। इस बात को एक युवा पर्वतारोही साबित भी कर रहा है। दिल्ली में रहने वाले अर्जुन वाजपेयी ने ठान रखी है कि वह बिना ऑक्सीजन सिलिंडर लिए कंचनजंघा की चोटी फतेह करेंगे।

 

अर्जुन अप्रैल के पहले सप्ताह में इस मिशन पर निकलेंगे। हिमालय पर्वत श्रृंखला में स्थित कंचनजंघा  दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है। अर्जुन वाजपेयी अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं ले जाएंगे।


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कामयाबी के लिए वे दिन-रात प्रैक्टिस कर रहे हैं और इस पर ही निर्भर हैं।

 

 

अर्जुन ने 29 मई 2011 को महज़ 17 साल की उम्र में एवरेस्ट की चढ़ाई कर सबसे युवा पर्वतारोही बनने का ख़िताब प्राप्त किया था। इससे पहले भी अर्जुन ने कंचनजंघा की चढ़ाई की है। इन्होंने इस क्षेत्र में और भी कई उपलब्धियां हासिल कर रखी हैं।

 

अर्जुन ने वर्ष 2010 में महज 16 साल की उम्र में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर चर्चा में आ गए थे।

 

हालांकि, इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2011 में दुनिया की चौथी और 8वीं सबसे ऊंची चोटी माउंट त्होत्से व माउंट मनासलु पर चढ़ाई की और 2016 में विश्व की छठी सबसे ऊंची चोटी चोयू पर विजय प्राप्त किया। इन्होंने 2016 में विश्व की पांचवी सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालु की भी चढ़ाई की।



 

 

अर्जुन के नाम 8 हज़ार से ऊंची 5 चोटियों पर चढ़ने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है।

 

कंचनजंघा पर चढ़ाई के लिए अर्जुन बहुत उत्साहित हैं, कंचनजंघा 8586 मीटर की ऊंचाई पर है। इसकी चोटी पर पहली बार 1955 में जो ब्राउन व जॉर्ड बैंड ने चढ़ाई की थी।

 

 

अर्जुन को हमारी तरफ से शुभकामनाएं!


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