सुविधाओं से लैस हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस है रेलवे के मॉर्डन होने का सबूत

Updated on 2 Nov, 2017 at 4:28 pm

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हम आए दिन खबरों में भारतीय रेल के खस्ताहाल होने की बात देखते हैं। इस बात पर लगातार चर्चा होती रही है कि भारतीय रेल जर्जर हालत में है और इसमें सुधार किया जाना चाहिए। हालांकि, अब भारतीय रेल का चेहरा बदलने की पूरी कोशिश की जा रही है। कम से कम सुविधाओं से लैस हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस को देखकर तो यही लग रहा है। यह ट्रेन रेलवे के आधुनिक होने की बानगी है।

हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस में एल्यूमिनियम कंपोसिट पैनल, आरामदायक गद्देवाली सीट, सामान रखने के लिए रैक्स, मॉर्डन एलईटी पैनल जैसी सभी सुविधाएं यात्रा को आरमदायक बनाने की गारंटी देती है। इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। बेहतरीन खाने, फिल्टर्ड वॉटर से लेकर वाईफाई और मोबाइल चार्जिंग पोर्ट की सारी फैसिलिटी इसमें है। सीट भी पहले की ट्रेन की अपेक्षा अच्छी है।

 


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हावड़ा-एर्नाकुलम अंत्योदय एक्सप्रेस सुपरफास्ट अनारक्षित ट्रेन की घोषणा पिछले साल दिसंबर में पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की थी। उस वक्त रेल मंत्री ने कहा था कि अंत्योदय एक्सप्रेस लंबी दूरी की ट्रेन है जो आम लोगों के लिए चलाई जाएगी। ये अनारक्षित ट्रेन है।



रेलवे मंत्री ने यह भी कहा था कि अंत्योदय एक्प्रेस के कोच बाकी स्लीपर कोच से आरमदायक होंगे और इसमें बायो टॉयलेट्स से लेकर, चोरी रोकने की व्यवस्था, आग के रोकथाम आदि की भी सुविधा होगी।

फाइनेंशियस एक्सप्रेस के एक लेख के मुताबिक, रेलवे के सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि इस ट्रेन का टॉयलेट राजधानी के एसी फर्स्ट क्लास जैसा होगा।

उम्मीद है रेलवे की इस कोशिश से लोगों का ट्रेन का सफर खुशनुमा और आरामदायक बनेगा। वैसे तमाम सुविधाओं के साथ ही यदि सरकार ट्रेनों की टाइमिंग भी ठीक कर दे, तो यकीनन यात्रियों को बहुत सूकून मिलेगा, क्योंकि अब तक तो हमारी रेलवे लेटलतीफी के लिए ही जानी जाती है।


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