दिल्ली में चल रही है एंटी स्मॉग गन, लेकिन इसका कुछ असर होगा!

Updated on 22 Dec, 2017 at 6:37 pm

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दिल्ली में प्रदूषण की समस्या विराट रूप लेने जा रही है, लिहाजा सरकार तक चिंतित हो गई है। ऐसा रहा तो दिल्ली में लोगों का रहना मुहाल हो जाएगा। अब दिल्ली तो ठहरी राजधानी, लोग जाएं तो जाएं कहां! गौरतलब है कि दिल्ली का ये प्रदूषण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।

राजधानी में प्रदूषण कुछ इस तरह का है।

सर्दी के आते ही दिल्ली में फॉग अपना करतब दिखाना शुरू कर देता है। ऐसे में प्रदूषणजनित बीमारियों से इन्कार नहीं किया जा सकता। लिहाजा सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए नई-नई तरकीबें अपना रही है। इसको लेकर आनंद विहार में मॉनिटरिंग स्टेशन खोला गया है, जहां से प्रदूषण में कमी-बढ़ोतरी को देखा जाएगा।

आनंद विहार के इस मॉनिटरिंग स्टेशन पर एक ‘एंटीस्मॉग’ तोप का परीक्षण किया गया। इसे फॉग कैनन भी कहा जाता है। इसमें एक पानी का टैंक होता है। पानी को एक पंखे के जरिए हवा में छोड़ा जाता है, जिसमें पानी माइक्रो डोप्लेट में बदल जाता है। पानी की ये बूंदें धूलकणों से चिपककर उन्हें जमीन पर गिरा देती हैं।


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ये ठीक बारिश की तरह काम करता है, जिससे आवोहवा थोड़ा साफ़ हो जाता है। बता दें कि कंस्ट्रक्शन आदि से बनने वाले धूल के कणों को ये जमीन पर बैठा देती हैं। महीन बूंदें प्रदूषण के पीएम 2.5 से पीएम 10 के आकार के कणों से चिपक जाती हैं और जमीन पर गिरती हैं। इस उपकरण को क्लाउड टेक ने डिज़ाइन किया है।

क्लाउड टेक के निदेशक विमल सैनी के अनुसार कई सीमेंट प्लांट्स, थर्मल पॉवर प्लांट्स आदि जगहों पर इसका इस्तेमाल होता है। आशा कर सकते हैं कि ये दिल्ली को प्रदूषण की समस्या से राहत दिला पायेगी।

सरकार ने इसे दिल्ली में दिनभर इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के सामने इस उपकरण का ट्रायल किया गया था।

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