अंटार्कटिका में 17 किलोमीटर लंबी दरार बनी दुनिया के लिए खतरा

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Updated on 2 Jun, 2017 at 12:33 pm

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दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप अंटार्कटिका में बर्फ पर 17 किलोमीटर लंबी दरार की खबर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंटार्कटिका का एक बड़ा हिस्सा सूरज की बढ़ती गर्मी से लगातार पिघलता जा रहा है और इस दरार के उत्पन्न होने की एक बड़ी वजह यही हो सकती है।

इस बात की जानकारी पिछले दिनों अंटार्कटिका में हवाई निरीक्षण के दौरान आई थी।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से यह दरार लंबे क्षेत्र में फैल रही है। और अंटार्कटिका के चौथे सबसे बड़े हिमचट्टान लार्सेन सी से 5 हजार वर्ग किलोमीटर बड़ा बर्फ का टुकड़ा अलग होने वाला है। इस बर्फ के टुकड़े के अलग होने से लार्सेन सी 10 प्रतिशत सिकुड़ जाएगा।


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बर्फ के इस टुकड़े का आकार अमेरिका के राज्य डेनेवर जितना बड़ा है।

इस घटना से पूरी दुनिया को खतरा हो सकता है।

माना जा रहा है कि ऐसा जलवायु परिवर्तन की वजह से हो रहा है। अगर लार्सेन सी खत्म होता है तो यह चिन्ता का विषय हो सकता है।

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