इस परिवार में हैं सभी पायलट, 3 पीढ़ियों के पास है 100 साल विमान उड़ाने का अनुभव

Updated on 3 Sep, 2018 at 8:03 pm

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हमें बचपन से ही उड़ने की इच्छा रहती हैं। काश पक्षियों की तरह उड़ पाते, लेकिन यह इच्छा हवाई जहाज उड़ाने में तब्दील हो जाती है। समय के साथ ही फिर हम कब यहां से फिसलकर करियर के दूसरे विकल्पों की और रुख करते हैं, पता ही नहीं चलता। लेकिन एक परिवार ऐसा है जिसमें सभी पायलट ही हैं।

दिल्ली का एक परिवार पिछले 100 सालों से लगातार विमान उड़ा रहा है। इनके पास लम्बे समय से विमान उड़ाने का अनुभव है। दादाजी विमान उड़ाते थे, जो अब पोते-पोती तक यह परम्परा सी बन पड़ी है।

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पायलट की जर्सी दिल्ली के इस भसीन परिवार की पहचान बन चुकी है। दादा, माता-पिता, दो बच्चों को मिलाकर करीब 100 साल तक विमान उड़ाने का अनुभव इस परिवार को प्राप्त है। एक ही परिवार के सभी सदस्य को डॉक्टर, इंजीनियर, पॉलिटिशियन या फिर एक्टर होते बहुतायत देखा जा सकता है लेकिन यह है दुर्लभ बात है कि एक ही परिवार के लगभग सभी सदस्य पायलट हों।

परिवार के सबसे पहले पायलट दादा कैप्टन जय देव भसीन थे जो देश के उन 7 पायलटों में शामिल थे, जो 1954 में कमांडर बनकर सेवा में आए थे। बहू निवेदिता जैन की बात करें तो वो इंडियन एयरलाइंस से जुड़ने वाली देश की तीसरी महिला थींं।

निवेदिता और कैप्टन रोहित भसीन के दोनों बच्चे रोहन और निहारिका भी युवा कमांडर में शुमार हो गए हैं, जिससे ये पूरा परिवार अपने-आप में एक खास उदाहरण पेश किया है।



भसीन परिवार की बहू 54 वर्षीय निवेदिता ने मात्र 20 साल उम्र में पायलट बन गयी थीं। उन्हें 26 साल की उम्र में बोइंग 737 पर कमान मिली, जिससे वे जेट विमान चलाने वाली सबसे कम उम्र की महिला कैप्टन बनीं।

निहारिका के पिता रोहित भसीन कहते हैंः

‘हम महीने में 5-6 दिन ही साथ गुज़ार पाते हैं। बच्चों को एक्स्ट्रा फ़्यूल रखने, खराब मौसम में लैंड न करने की भी नसीहत देते हैं।’

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दादा और माता-पिता की तरह ही दोनों बच्चे भी पायलट बनने को लेकर पहले से ही खुद को तैयार कर रखा था और इस तरह से यह परिवार एक पायलट परिवार बन गया।

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