मोगैंबो खुश हुआ! अमरीश पुरी का यह पोता बॉलीवुड में करने जा रहा है एंट्री

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Updated on 9 Aug, 2018 at 5:22 pm

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अपने जानदार अभिनय से सिनेमा-प्रेमियों का दिल जीतने वाले अमरीश पुरी के पोते अब जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं। अमरीश पुरी ने लंबे वक्त तक अपने बेहतरीन अदाकारी के दम पर दर्शकों के दिलों पर राज किया है। वहीं, अब उनके पोते वर्धन पुरी भी इंडस्ट्री में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं।

 

 


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अमरीश पुरी का एक बेटा और एक बेटी हैं। उनके बेटे राजीव पूरी भले ही फिल्मों से दूर रहे, लेकिन उनका पोता फिल्मों में अपना सिक्का जमाने के लिए 5 साल की उम्र से ही तयारी करता आ रहा है।

 

वर्धन पुरी को एक्टिंग का जूनून बचपन से ही रहा है। वर्धन थिएटर आर्टिस्ट रहे हैं और 90 से ज्यादा थिएटर प्ले कर चुके हैं।

 

अमरीश पुरी अपने बेटे राजीव पुरी और पोते वर्धन पुरी के साथ timescontent

 

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ना वर्धन के लिए नया नहीं है। वह बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर कई बड़ी फिल्मों जैसे ‘दावत-ए-इश्क’ और ‘शुद्ध देसी रोमांस’ में काम कर चुके हैं।

 

 

एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्धन पुरी प्रोड्यूसर जयंतीलाल गड़ा की एक रोमान्टिक थ्रिलर फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में अपने किरदार के लिए वो ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। कहा जा रहा है कि उनकी इस फिल्म की शूटिंग सितंबर से शुरू होगी।

 

एक साक्षात्कार में वर्धन ने बताया कि जयंतीलाल उन्हें एक पीरियड फिल्म में लांच करने जा रहे थे, लेकिन किसी वजह से ऐसा नहीं हो सका। अब जयंती ने वर्धन को इस फिल्म के लिए साइन किया है। वर्धन ने बतायाः

 

”पहले मैं जयंती भाई की एक पीरियड ड्रामा से अपने करियर की शुरुआत करने वाला था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते वो फिल्म फंस गई। फिर कुछ वक्त बाद जयंती भाई ने मुझे इस रोमांटिक थ्रिलर की कहानी सुनाई, जिसे सुनते ही मैंने हामी भर दी।”

 



 

वर्धन अपने दादा अमरीश पुरी को अपना गुरु मानते हैं। वर्धन ने कहा कि उन्होंने अपने दादा के रूप में अपना पहला शिक्षक पाया था। वर्धन ने बताया कि वह अपने दादू को भगवान मानते हैं।

 

 

वर्धन अपने दादा सहित चार्ली चैपलिन और किशोर कुमार के बहुत बड़े फैन हैं।

 

 

वर्धन ने दादा अमरीश पुरी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके गुजर जाने के बाद उन्हें ऐसा लगा कि जैसे उनके ऊपर से सुरक्षा कवच हटा लिया गया हो। वर्धन ने कहाः

 

“दादू मेरे भगवान हैं जिन्हें मैं पूजता हूं। मैं उनके बहुत करीब था। मैं उनके और अपनी दादी के बीच सोया करता था। जब उनका देहांत हुआ तो मेरे लिए एक सुरक्षा कवर के हटने जैसा था। बस तभी मैंने सोच लिया था कि अगर मैं कुछ करता हूं तो, यह मेरे दादी जी के लिए होगा और यह फिल्म उनके लिए एक ट्रिब्यूट है।”

 


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