अब सामान डिलीवरी करेगा ड्रोन, अमेज़न और गूगल ने उठाया ये कदम

Updated on 12 Mar, 2018 at 12:16 am

Advertisement

तकनीकी कंपनियां भविष्य को लेकर बेहद चौकस हैं, लिहाजा नित नए आविष्कारों की सूचना मिल रही है। सभी तरह की व्यवस्थाएं लगातार स्वचालित की जा रही हैं। मानव संसाधन का कम से कम इस्तेमाल हो, इस पर जोर दिया जा रहा है।

ड्रोन से सामान डिलीवर करने की उपयोगिता को देखते हुए बढ़ते एयर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अमेजन और गूगल ने प्राइवेट एयर ट्रैफिक कंट्रोल नेटवर्क बनाने का फैसला किया है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि उनके ड्रोन आसानी से वितरण कार्य कर सकें।

 

कमर्शियल ड्रोन इंडस्ट्री, निजी वित्तपोषित और संचालित वायु-यातायात नियंत्रण नेटवर्क का निर्माण करेगा, जो वर्तमान संघीय प्रणाली से पूरी तरह अलग होगा। इस योजना को अमेज़न, जनरल इलेक्ट्रिक, बोइंग और गूगल सहित प्रमुख कंपनियों का समर्थन प्राप्त है।

 

इस कदम के तहत ड्रोन सुपरहाईवे का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार ड्रोन की मदद से पैकेज को 30 मिनट के अंदर डिलीवर करने की अमेज़न की महत्वाकांक्षी योजना को भी इसे बल मिलेगा।

 

वहीं गूगल किसी भी टकराव से बचने के लिए एविएशन एयरस्पेस की तरह ही सभी ऑपरेटरों के लिए उपलब्ध एक सेंट्रलाइज्ड कंप्यूटर सिस्टम तक संवाद करने के लिए सभी ट्रैक वाले ड्रोन को देखने का काम करेगा।


Advertisement

 

 

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, यह सिस्टम ऑटोमेटेड सेलुलर और वेब ऍप्लिकेशन्स का इस्तेमाल कर जमीन के ऊपर कुछ सौ फुट ऊपर उड़ने वाले छोटे-छोटे मानवरहित विमानों के बीच होने वाले किसी संभावित टक्कर को रोकने और उसे ट्रैक करने का काम करेगा।

इसके तहत 200 फीट से नीचे स्थानीय ट्रैफिक के लिए धीमी गति के लेन और 200 व 400 फीट के बीच लंबी दूरी की परिवहन के लिए एक तेज लेन होगा। 400 से 500 फीट के बीच की ऊंचाई को नो फ्लाई जोन क्षेत्र बनाया जाएगा।

 

 

बताते चलें कि इस योजना को कम से कम दो साल का समय लग सकता है। वहीं नासा के टेक्निकल एक्सपर्ट भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement