16 दिलचस्प तथ्य भारत के शीर्ष जासूस एनएसए अजीत डोभाल से जुड़े हुए।

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7:03 pm 18 Sep, 2015

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हम जब भी भारत में जासूसी मिशन के बारे में बात करते हैं तो हमारे जेहन में केवल एक नाम आता है और वह नाम है अजित डोभाल। उनकी बेजोड़ रणनीतियाँ आतंकवादियों के लिए डरावने सपने की तरह है। उनके शब्दों के तीखे बाण गोलियों की तुलना में अधिक घातक हैं। वर्तमान में वह भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं और उनके नेतृत्व में ही तमाम खुफिया ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अजित डोभाल कौन हैं? वह कैसे सुरक्षा मामलों के महत्वपूर्ण शख्सियत बन गए। आइए जानते है।

1. जून 2014 में, डोभाल ने आईएसआईएस के कब्जे से 46 भारतीय नर्सों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

नर्सें आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले इराकी शहर तिकरित के एक अस्पताल में फंस गई थी।

2. यह अजित डोभाल का ही कमाल था कि 1971 से लेकर 1999 तक 5 इंडियन एयरलाइंस के विमानों के संभावित अपहरण की घटनाओं को टाला जा सका था।

Ajit Doval

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3. 1999 में कंधार में इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी -814 के अपहर्ताओं के साथ भारत के मुख्य वार्ताकार के तौर पर अजित डोभाल ही थे।

4. वह सात साल तक पाकिस्तान में एक गुप्त एजेंट बन के रहे थे।

5. डोभाल ने एक पाकिस्तानी जासूस के वेष में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से पहले खालिस्तानी आतंकवादियों से कई जानकारियां एकत्र की।

उन्होंने एक रिक्शा चालक का वेष रख अपनी पहचान छुपाई रखी।

6. वह मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में चल रहे उग्रवाद विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे।

1968 में पूर्वोत्तर में उग्रवादियों के खिलाफ खुफिया अभियान चलाने के दौरान लालडेंगा उग्रवादी समूह के 6 कमांडरों को उन्होंने भारत के पक्ष में कर लिया था।

7. कश्मीर में कुक्के पैरे जैसे कट्टर कश्मीरी आतंकवादी को राज़ी कर अजित डोभाल ने भारत विरोधी संगठनों को शांति का संदेश दिया था।

उन्होंने कट्टरपंथी भारत विरोधी आतंकवादियों को भी निशाना बनाया और 1996 में जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनाव के लिए मार्ग प्रशस्त किया।

8. उन्होंने इस्लामाबाद, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में छह साल तक काम किया।

Ajit Doval six years in the Indian High Commission

9. डोभाल ने अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर के मिलिट्री स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आगरा विश्व विद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए कर, पहला स्थान अर्जित किया।

10. 31 जनवरी 2005 को डोभाल खुफिया ब्यूरो के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए।

वह तेज दिमाग हैं और उनकी शैली प्रखर है। इसी वजह से उन्होंने उच्च सम्मान अर्जित किया है। डोभाल सामरिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रसिद्ध अग्रणी विश्लेषकों और टिप्पणीकारों में से एक है।

11. वह विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक हैं।

उन्होंने सामरिक मुद्दों पर आईआईएसएस, लंदन, कैपिटल हिल, वाशिंगटन डीसी, ऑस्ट्रेलिया-भारत संस्थान, मेलबोर्न विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली और प्रशासन की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी, मसूरी में अतिथि संकाय के रूप में कई लेक्चर दिए है।

12. एक गढ़वाल परिवार में जन्म, सैन्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक।

अजित डोभाल का जन्म 1945 में तत्कालीन संयुक्त प्रांत में पौड़ी गढ़वाल में घीड़ी बानेलस्यूँ के गांव में हुआ, जो अब उत्तराखण्ड में है।

13. वह केरल कैडर के 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे।

14. वह अपनी सराहनीय सेवा एवं काम के लिए पुलिस पदक पाने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के पुलिस अधिकारी है।

उन्हें यह सम्मान पुलिस में 6 साल रहने के उपरांत मिला।

15. 1988 में डोभाल को भारत के सर्वोच्च शांतिकाल वीरता पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया।

वह ऐसे पहले पुलिस अधिकारी है, जिन्हे पहले से ही सैन्य सम्मान के रूप में एक पदक प्राप्त है।

16. 30 मई 2014 को अजित डोभाल को भारत के पांचवें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया।

वर्तमान में डोभाल नमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कार्य करते हुए भारत के पांचवे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।

 5th National Security Advisor

PTI


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