हाथों में तिरंगा लिए बाबा के भक्त बोले; खतरों से खेलने के आदी, आतंकी कुछ नहीं बिगाड़ सकते

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Updated on 29 Jun, 2017 at 3:07 pm

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देश का मुकुट कहे जाने वाली घाटी आतंक और पत्थरबाजी से सुलग रही है, लेकिन वहां कड़ी सुरक्षा के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन करने गए श्रद्धालु इसकी परवाह किए बगैर आगे बढ़ रहे हैं।

कड़ी सुरक्षा के बीच 28 जून को तड़के आधार शिविर भगवती नगर जम्मू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 2280 अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ। ये तादात पिछले सालों की तुलना में ज्यादा है। 2016 में पहले जत्थे का ये आकंडा 1282 था वहीं 2015 में 1280 था।

दर्शन के लिए गए इन श्रद्धालुओं की आस्था इतनी दृढ़ है कि कोई आतंकी गतिविधि इनकी राह नहीं रोक सकती। बाबा भोले की जयघोष करते इन भक्तों का कहना है कि आतंकी तथा अलगाववादी गतिविधियां किसी भी कीमत पर बाबा बर्फानी के दर पर जाने से नहीं रोक सकते।



ऐसे ही बाबा के दर्शन करने बिहार के जहानाबाद जिले से तीन साथियों के साथ आए राकेश कुमार शर्मा तिरंगा लहराते हुए कहते हैं कि भोले के भक्त खतरों से खेलने के आदी हैं। आतंकी और अलगाववादी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

amarnath-Yatra

PTI


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श्रद्धालुओं की आस्था से वातावरण पूरा भक्तिमय हो गया है। चारों ओर बाबा भोले की जयघोष हो रही है। वाकई, इन भक्तों का जज्बा यह दर्शाता है कि आतंक से आस्था की राह रोकी नहीं जा सकती।


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