आयुष मंत्री ने आयुर्वेदिक दवाइयां नहीं लिखने वाले डॉक्टर्स को बताया ‘राष्ट्र विरोधी’

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Updated on 2 May, 2016 at 5:58 pm

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कौन राष्ट्र के साथ है और कौन इसके खिलाफ, इसको लेकर देश में होती बहस के बीच अब केंद्रीय मंत्री श्रीपद नायक ने कथित तौर पर कहा है कि जो डॉक्टर्स गैर-आयुर्वेदिक दवाएं लिखते है, वह राष्ट्र विरोधी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नायक, जो कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में थे, ने कहा:

“कुछ आयुर्वेद चिकित्सकों ने मुझे बताया है कि एलोपैथी दवाएं लिखने वाले डॉक्टर्स अक्सर आयुर्वेद को न चुनने की सलाह देते है। इस तरह के डॉक्टर्स राष्ट्र विरोधी हैं।”



नायक जो कि एक आयुर्वेद अनुसंधान केन्द्र का उदघाटन करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सवाल उठाया कि कोई कैसे आयुर्वेद का विरोध कर सकता है, जबकि यह सबसे पुरानी चिकित्सा प्रणाली है और दुनिया भी इसमें रुचि दिखा रहा है।

आगे, उन्होंने यह भी कहा कि कोल्हापुर में औषधीय गुणों वाली कई पौधों की प्रजातियां मौजूद है। इसी दिशा में उनका मंत्रालय इन पौधों की प्रभावी औषधीय क्षमता को खोजेगा।

आयुष विभाग आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, युनानी, सिद्धा और होम्योपैथी प्रणाली की शिक्षा पर केंद्रित है।

Ayush Ministry

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