गोमांस पर प्रतिबंध की मांग भारी पड़ गई, अजमेर दरगाह के दीवान हटाए गए

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Updated on 5 Apr, 2017 at 12:45 pm

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अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने पूरे देश में गोमांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने मुसलमानों से अपील की थी कि वे गोमांस का भक्षण न करें। अब यही बात उन पर भारी पड़ गई है।

सैयद जैनुल आबेदीन अली खान को अजमेर दरगाह के दीवान पद से हटाने का ऐलान किया गया है।

सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की थी कि देश में गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे तथा गोमांस की बिक्री पर भी रोक लगे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से भी अपील की थी कि उन्हें बीफ को लेकर पहल करनी चाहिए, ताकि दो समुदायों के बीच वैमनस्यता न रहे। उन्होंने तीन तलाक को भी अवैध बताया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि सैयद जैनुल आबेदीन अली खान के भाई लाउद्दीन आलिमी ने उन्हें पद से बर्खास्त कर खुद को दीवान घोषित कर दिया है।


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सैयद जैनुल आबेदीन अली खान को प्रोग्रेसिव मुस्लिम नेता माना जाता है।

उन्होंने कहा थाः

“मैं और मेरा परिवार गोमांस का सेवन त्यागने की घोषणा करता हूं। गाय सिर्फ एक जानवर नहीं है, बल्कि हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। गाय और उसके वंश को बचाना चाहिए। साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।”

हालांकि, अब यही प्रोग्रेसिव विचार उन पर भारी पड़ता दिख रहा है।


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