‘पहले 50 लाख में बिक जाते थे MP, MLA; 1991 में नरसिम्हा सरकार को 50-50 लाख में मिला था समर्थन’

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Updated on 19 Oct, 2016 at 2:18 pm

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महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एक विवादस्पद बयान दिया है। सोलापुर के करमाला में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की एक सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि पहले जहाँ सांसद और विधायक 50-50 लाख में समर्थन देने को तैयार हो जाते थे आज 50 लाख में एक नगर पार्षद भी बिकने को तैयार नहीं है।

भरे मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा-


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“मै झूठ नहीं बोलूंगा, पहली बार में विधानसभा चुनाव 1999 -2004 चुनकर आया था, उस समय में बहुत नया था। उस समय विलासराव देशमुख इतना परेशान हो गए, बोलते थे कि जाने दो, फिर से चुनाव का सामना करना अच्छा होगा, उसी दौरान हमें कुछ विधायकों को बैंगलोर ले जाना पड़ा था। तब आपने पेपर में पढ़ा होगा वो सब। अरे भाई, उस समय में विधायक 50-50लाख रुपए में दूसरे को समर्थन देने के लिए तैयार हो गए थे, अब तो नगर सेवक भी इतने में राजी नहीं होता।”

पवार यहीं नहीं रुके उन्होंने नरसिम्हा सरकार को 50-50 लाख में मिले समर्थन की बात कही और कहा-

“में उस समय की बात बता रहा हूं। मैं 1991 में सांसद बना, उस समय पी. वी नरसिंहराव को बहुमत नहीं था। 6 -7 सांसद पचास लाख रुपये में दूसरे पक्ष में गए, ऐसा मामला चलता था। ऐसा वो दौर था।”

 

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