भारत ने बढ़ाई चीन की सीमा पर ताकत, 5 एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड का परिचालन शुरू

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Updated on 3 Oct, 2016 at 2:17 pm

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भारतीय वायुसेना द्वारा अरुणाचल प्रदेश में एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स का परिचालन शुरू कर दिया गया है। आखिरकार दो साल के इंतजार के बाद, एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स को उपयोग में लाया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा को दुरुस्त करना है।

चीन के तरफ से संभावित खतरे के मद्देनजर वायुसेना ने पूर्वी सेक्टर पर अधिक ध्यान देना शुरू किया है।

वायुसेना के पूर्वी एयर कमांड के चीफ हरि कुमार का कहना है कि अरुणाचल में वायुसेना के सात एडवांस लैंडिंग ग्राउंड हैं, जिनमें से पांच ने काम करना शुरू कर दिया है। हरि कुमार ने कहाः

“अरुणाचल के सात अडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स में से पांच ऑपरेशनल हो चुके हैं, जबकि बाकी के दो इस साल के अंत तक काम करने लगेंगे। पूर्वी क्षेत्र में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास बहुत धीमा रहा है। हम इस क्षेत्र में अपनी क्षमताएं बढ़ाना चाहते हैं। हम किसी अपने दुश्मन या प्रतिद्वंदी के रूप किसी खास देश को नहीं देख रहे हैं। मिग-27 और हॉक स्क्वेड्रन्स के अलावा राफेल की डील के बाद पूर्वी एयर कमांड में हमारी क्षमता बढ़ेगी।”



हरि कुमार ने बताया कि इस इलाके में वायुसेना के इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास  तेजी से नहीं हुआ है, लेकिन अब इसे दुरुस्त बनाने की दिशा में काम तेजी से हो रहा है। ऐसा पहली बार है जब पूर्वी सेक्टर में वायुसेना अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त कर रही है।

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इन एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स में रात में लैंडिंग की भी व्यवस्था है, जो सेना के लिए सीमाओं की सुरक्षा में कारगर साबित होगा। इन लैंडिंग ग्राउंड्स का इस्तेमाल सिविल फ्लाइट्स के लिए भी किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।


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