राजनीतिक दलों की 70 फीसदी कमाई है अघोषित, ADR की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

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Updated on 25 Jan, 2017 at 6:57 pm

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राजनीतिक पार्टियों के पास कितना पैसा है, चुनाव आते ही इस पर बहस तेज हो जाती है। इसी तर्ज पर चुनाव सुधारों पर काम करने वाली संस्था, एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (ADR) ने अपनी एक रिपोर्ट में चौकानें वाला खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक दलों को 2004-05 और 2014-15 के बीच अज्ञात सूत्रों से 7,832 करोड़ रुपए मिले, जो उनकी कुल आय का 69 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों की कुल कमाई 11,367.34 करोड़ रुपए आंकी गई, जिसमें से 69% कमाई अज्ञात स्रोत से आई है। 16% कमाई ज्ञात दाताओं ने दी और 15% कमाई दूसरे स्रोतों से हुई है। 69 प्रतिशत कमाई का वो हिस्सा है, जिसकी जानकारी राजनीतिक दल चुनाव आयोग और आयकर विभाग को नहीं देते हैं।


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ADR ने ये रिपोर्ट 2004-05 से लेकर साल 2014-15 के बीच राजनीतिक दलों को मिले चंदे, चुनाव आयोग और आयकर विभाग को जमा की गई रिपोर्ट के आधार पर तैयार की है।

आगे ADR ने और कई चौकाने वाली बातों का खुलासा किया है। ADR के आंकड़े कहते हैं कि राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की अघोषित आय 2004-05 में 274.13 करोड़ थी, जो कि साल 2014-15 में 313 फीसदी बढ़कर 1130.92 करोड़ दर्ज की गई। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियों की कमाई की बात करें, तो इनकी भी कुल आय 652% बढ़ी है।

आपको बता दें कि कानून के अन्तर्गत राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में 20 हजार से कम के चंदे को घोषित करने से छूट मिली हुई है। इसलिए अक्सर राजनीतिक पार्टियां अपना चंदा 20 हजार से कम ही दिखाती हैं। ऐसे में राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक पार्टियों के चंदे के खेल में मिली इसी छूट के जरिए भारी गड़बड़ी की जाती है।

अब ADR ने मांग की है कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे और पैसों में पारदर्शिता लाने के लिए ज़रूरी है, वो भी एक-एक पैसे का चंदा डीजिटल पेमेंट के ज़रिए ही लें। ADR ने राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने का सुझाव भी दिया है।

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