112 फुट ऊंची है आदियोगी भगवान शिव की यह अर्धप्रतिमा, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

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Updated on 17 May, 2017 at 12:15 pm

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तमिलनाडु के कोयंबटूर इलाके में स्थित आदियोगी भगवान शिव की 112 फुट ऊंची अर्धप्रतिमा का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज कर लिया गया है।

इसे आधिकारिक रूप से दुनिया की सबसे ऊंची अर्धप्रतिमा माना गया है।

ईशा योगा फाउंडेशन के तत्वावधान में निर्मित इस प्रतिभा अनावरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा इस साल 24 फरवरी को किया गया था।

ईशा योगा फाउंडेशन ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।



आदियोगी के भव्य व विशाल चेहते को आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है। यह 112.4 फीट ऊंची, 24.99 मीटर चौड़ी और 147 फीट लंबी है। इसका वजन 500 टन है। प्रतिमा योग के स्रोत को दर्शाता है और सेल्फ ट्रांसफॉर्मेशन के 112 तरीकों का प्रतीक है जो कि पहले योगी या आदियोगी की पेशकश की गई थी।

दुनिया की सबसे ऊंची अर्धप्रतिमा के मामले में चीन के हुनान प्रान्त में स्थित चांग्शा में बने माओ जेदोंग की अर्धप्रतिमा दूसरे स्थान पर है। ग्रेनाइंट पत्थर से बनी यह प्रतिमा 105 फुट ऊंची है।

जहां तक आदियोगी भगवान शिव के अर्धप्रतिमा की बात है तो यह महाराष्ट्र के नासिक में स्थित प्रथम जैन तीर्थंकर रिशभनाथ की प्रतिमा अहिंसा से भी ऊंची है। इस प्रतिमा की ऊंचाई 108 फुट है। इसे दुनिया की सबसे ऊंची जैन प्रतिमा भी कहा जाता है।

ईशा फाउंडेशन पूरी दुनिया में एक जैसी ऊंचाई की तीन और प्रतिमा लगाने पर विचार कर रहा है।


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