जिन मदरसों में नहीं हुआ राष्ट्रगान उन पर कार्रवाई करेगी योगी सरकार ?

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Updated on 16 Aug, 2017 at 3:16 pm

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उत्तर प्रदेश के जिन मदरसों पर 15 अगस्त के दिन राष्ट्रगान नहीं हुआ और न ही इसकी विडियोग्राफी की गई, उन मदरसों पर कार्रवाई जा सकती है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे मदरसों से जुड़े लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा।

भास्कर की रिपोर्ट में बरेली के डिवीजनल कमिश्नर पीवी जगन मोहन के हवाले से कहा गया हैः

“जहां राष्ट्रगान नहीं गाए जाने के सबूत मिले हैं, वहां मदरसों से जुड़े लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया जाएगा। ‘हमने शिकायतकर्ताओं से सबूत पेश करने को कहा है, क्योंकि हम नहीं चाहते कि ऐसा लगे कि हम किसी का उत्पीड़न कर रहे हैं। अगर जांच में राष्ट्रगान नहीं गाए जाने की बात सामने आती है और मदरसा प्रबंधन लिखित में ये स्वीकार करता है, तो हम उनके खिलाफ केस दर्ज करेंगे।”


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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के बावजूद राज्य के कई मदरसों में 15 अगस्त के दिन न तो राष्ट्रगान का गायन हुआ और न ही विडियोग्राफी हुई है। राज्य सरकार ने साफ शब्दों में सभी मदरसों में राष्ट्रगान, झंडोत्तोलन व विडियोग्राफी की बात कही थी। हालांकि, कई मुस्लिम संगठनों ने ऐसा करने से इन्कार करते हुए कहा कि राष्ट्रगान में कई शब्द ऐसे हैं जो गैर-इस्लामिक हैं।



उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने गत 3 जुलाई को राज्य के सभी मदरसों को एक पत्र लिखकर 15 अगस्त को मदरसों में तिरंगा झंडा फहराने के लिए कहा था। इस पत्र में लिखा था कि झंडोत्तोलन के साथ राष्ट्रगान का गायन हो साथ ही पूरे कार्यक्रम की विडियोग्राफी भी।

क्या है NSA

NSA को एक कड़ा कानून माना जाता है। इसके तहत सरकार तब तक एक व्यक्ति को हिरासत में रख सकती है, जब तक कि वह चाहे। साथ ही हिरासत में रखने का कारण बताना भी सरकार के लिए जरूरी नहीं है। इस एक्ट के तहत पुलिस आरोपी को आमतौर पर 14 दिन के बजाए 60 दिन के रिमांड पर ले सकती है।

बरेली के काजी मौलाना असजद रजा खान ने पहले ही ऐलान किया था कि राष्ट्रगान ‘गैरइस्लामी’ है, क्योंकि इसमें कुछ ऐसे शब्द हैं जो इस्लाम के खिलाफ हैं। यही वजह है कि 15 अगस्त के दिन अधिकतर मदरसों में स्थिति असहज रही। बरेली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ मदरसों में जन-गण-मन की बजाए अल्लामा इकबाल का लिखा ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया गया।


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