AAP ने विज्ञापन पर उड़ाए जनता के पैसे, कमेटी ने दिए 18 करोड़ वसूलने के निर्देश

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Updated on 17 Sep, 2016 at 4:37 pm

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विज्ञापनों को लेकर केजरीवाल सरकार घिरती नजर आ रही है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को विज्ञापन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार केंद्र सरकार की गठित बीबी टंडन समिति ने आदेश दिया है कि दिल्ली के बाहर छपे विज्ञापनों में खर्च की गई रकम आम आदमी पार्टी को लौटानी होगी। इसे सरकारी खजाने का दुरुपयोग मानते हुए कमेटी ने आप से वसूली को कहा है।

दिल्ली सरकार को निर्देश देते हुए टंडन समिति ने कहा है कि चार श्रेणी के तहत छपे विज्ञापनों पर हुए खर्च की भरपाई आम आदमी पार्टी से कराई जाए। यह चार श्रेणियां हैं:

  • ऐसे विज्ञापन जिन पर आम आदमी पार्टी का नाम छपा है
  • अलग-अलग वर्षगांठों पर दिल्ली के बाहर छपे विज्ञापन
  • विपक्ष पर निशाना साधने वाले विज्ञापन
  • दूसरे राज्यों की घटनाओं पर मुख्यमंत्री के विचारों का प्रचार

आम आदमी पार्टी ने पूरे देश में विज्ञापनों पर कुल 18 करोड़ 47 लाख रुपये खर्च किए थे। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कंटेंट रेगुलेशन कमेटी ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पार्टी की छवि बनाने के लिए सार्वजनिक धन का विज्ञापनों पर गलत इस्तेमाल किया है। यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है।


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अजय माकन ने शिकायत दर्ज की थी कि आम आदमी पार्टी अपने विज्ञापनों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केंद्र सरकार की ओर से पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त बीबी टंडन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस कमेटी में विज्ञापन निर्माता पीयूष पांडे आैर पत्रकार रजत शर्मा भी शामिल हैं।

समिति ने साफ़ शब्दों में कहा है कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी का प्रचार करने वाले सरकारी विज्ञापनों पर जनता के पैसे पानी की तरह बहाए।

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