AAP में मुख्यमंत्री पद पर घमासान, क्या बगावत करेंगे भगवंत मान ?

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Updated on 11 Jan, 2017 at 10:23 am

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आम आदमी पार्टी में पंजाब के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी पर घमासान मच गया है। अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि पंजाब में पार्टी भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित कर चुनाव मैदान में उतरेगी, लेकिन ‘आप’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के बयान से राजनीति गर्मा गई है। सिसोदिया ने मोहाली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बयान दे डाला कि पंजाब की जनता को यह मानकर वोट देना चाहिए कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ही होंगे। इस बयान के बाद तय है कि आम आदमी पार्टी अरविन्द केजरीवाल के चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ेगी। हालांकि, इससे पार्टी के उन दावों की कलई खुल रही है, जिसमे यह कहा गया था कि पंजाब में मुख्यमंत्री पंजाबी ही होगा तथा मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान विधानसभा चुनावों के बाद किया जाएगा।

सिसोदिया के बयान के बाद पार्टी में बगावत के स्वर बुलन्द होते दिख रहे हैं। कई बार मुख्यमंत्री पद पर अपनी दावेदारी पेश कर चुके पार्टी के सांसद और स्टार प्रचारक भगवंत मान का कहना है कि पंजाब का मुख्‍यमंत्री कोई पंजाबी ही होगा। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से यहां आकर कोई मुख्यमंत्री नहीं बन सकता।

इससे पहले कई जनसभाओं में भगवंत मान कह चुके हैंः


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“आप मुझे मुख्यमंत्री बना देखना चाहते हो, तो 117 विधानसभा की सीटों पर आम आदमी पार्टी को जीत दिलाना जरूरी है। मैं मुख्यमंत्री नहीं, लोगों के दुःख दूर करने वाला बनना चाहता हूं।”



हालांकि, अब अरविन्द केजरीवाल को पंजाब का मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनने को लेकर दिए गए बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली है। नामांकन से 1 दिन पहले हुए इस घटनाक्रम को पार्टी का बड़ा दांव बताया जा रहा है।

अचानक हुए इस घटनाक्रम से यह सवाल पैदा हो गया है कि आखिर मनीष सिसोदिया के केजरीवाल के नाम को पंजाब में ‘आप’ के मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करने की अचानक क्या जरूरत पड़ गई? सवाल यह भी है कि अब भगवंत मान क्या करेंगे। क्या वह बगावत का रास्ता अख्तियार करने जा रहे हैं?


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