आधार से मोबाइल नंबर लिंक करने के नाम पर इस शख्स के खाते से निकाले गए 1.3 लाख रुपए

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Updated on 14 Oct, 2017 at 12:42 pm

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पैन कार्ड से लेकर आपके बैंक अकाउंट और सिम कार्ड तक, शायद ही ऐसा कुछ रह गया, जो आधार कार्ड से लिंक न हो। सरकार ने हिदायत दी है कि एक तय समय सीमा तक अगर आपका बैंक अकाउंट या मोबाइल आधार कार्ड से लिंक नहीं हुआ तो आपको इसका बड़ा खामियाजा चुकाना पड़ सकता है।

सरकार ने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने का आदेश दे दिया है। यह भी साफ कर दिया है कि अगर आपने 6 फरवरी 2018 तक अपने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया तो आपका सिम कार्ड डीएक्टिवेट हो जाएगा। इसको लेकर टेलीकॉम कंपनियां अपने कस्टमर्स को मैसेज और कॉल्स के जरिए सूचित भी कर रही हैं, लेकिन जब भी आप अपने आधार कार्ड को सिम कार्ड से लिंक करें तो जरा सावधानी बरते। आप बड़े फ्रॉड का शिकार बन सकते हैं।

दरअसल, आधार कार्ड को मोबाइल नंबर से लिंक करने की आड़ में शाश्वत गुप्ता नाम के एक शख्स से 1.3 लाख रुपए की लूट हुई है। एक प्राइवेट फर्म में काम करने वाले मुंबई के शाश्वत को एक फ़ोन कॉल आया। फ़ोन पर बात कर रहे शख्स ने खुद को एयरटेल अधिकारी बताया। उस शख्स ने शाश्वत से कहा कि उन्होंने अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं किया है, इसलिए कंपनी उनका नंबर डीएक्टिवेट कर सकती है। उस शख्स ने शाश्वत से उनका सिम कार्ड नंबर एयरटेल के आधिकारिक नंबर 121 पर मैसेज करने को कहा। शाश्वत ने ऐसा ही किया।

फिर क्या, ऐसा करते ही उनके सिम की क्लोनिंग हो गई और फ्रॉड का जाल बिछाए हुए बदमाशों ने उनके सैलरी अकाउंट से 1.3 लाख रुपए निकाल लिए। शाश्वत ने यह पैसे अपने बुरे वक्त के लिए बचा कर रखे थे।

शाश्वत ने पूरा किस्सा फेसबुक पर शेयर किया है और लोगों से सतर्क रहने की भी अपील की है। उन्होंने लिखा :

“दोस्तों! मैंने अपने आईसीआईसीआई बैंक के सैलरी एकाउंट से 1.3 लाख रुपए खो दिए हैं। एक जालसाज ने मुझे फोन किया और कहा कि वह एयरटेल से बोल रहा है। उसने मुझे अल्टीमेटम दिया कि मेरा आधार कार्ड फोन नंबर के साथ लिंक नहीं है। ऐसा नहीं करने पर मेरा एयरटेल नंबर बंद कर दिया जाएगा। उसने मुझे कहा कि मैं अपने सिम कार्ड से 121 नंबर पर मैसेज करे ताकि मेरा सिम चालू रहे।

मुझे नहीं पता था कि धोखेबाज मेरे सिम को क्लोन करेगा और मेरी सारी मेहनत के पैसे लूट लेगा। वह मेरे उस निवेश (फिक्स्ड डिपॉजिट्स) को भी लूट लेगा, जिसे मैंने अपने जीवन के सबसे खराब समय के लिए बचाकर रखा था।

क्या एक एसएमएस मेरे आईसीआईसीआई बैंक खाते में सेंध लगाने के लिए काफी था। क्या यह कमजोर तकनीक नहीं है, जिसके भरोसे हमें छोड़ दिया गया है। मैं इस धारणा से जी रहा था कि किसी व्यक्ति को मेरे खाते के विवरण या डेबिट कार्ड या कुछ संवेदनशील जानकारी की आवश्यकता होगी, जो सिर्फ मेरे पास ही होती है। मैंने हमेशा इसे बचाकर रखा।


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मगर, सच्चाई यह है कि सभी संवेदनशील सामग्री पहले से ही अपराधियों के पास है और वे वारदात के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। विश्वास नहीं हो रहा कि किसी के अकाउंट से पैसे चुराना कितना आसान हो गया है. फ्रॉडर्स अपने मतलब के लिए लॉक तोड़ने के लिए हर ट्रिक अपना रहे हैं.

इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि लूट के बाद शिकायत की गई और इसके बाद भी आईसीआईसीआई बैंक शेष राशि को बचाने में नाकाम रहा। घटना के बाद मैंने सर्विस रिक्वेस्ट (एस/आर 497438380) जनरेट करने के 18 घंटों के बाद और कस्टमर केयर और ब्रांच पर लगातार फॉलोअप करने के बाद भी बैंक मेरी शेष राशि को नहीं बचा सका। नतीजतन अगली सुबह जालसाज ने आसानी से बाकी रकम भी खाते से निकाल ली।

डियर आईसीआईसीआई बैंक, क्या आपकी सेवाएं संकट के समय में खत्म हो जाती है या आप ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने और आगे के नुकसान को रोकने के लिए भी कुछ करते हैं?

आईसीआईसीआई बैंक को यह समझने की जरूरत है कि धोखेबाज़ इस तरह और भी अकाउंट ब्रेक कर सकते हैं। वे सिर्फ बैंक अकाउंट नहीं, किसी की ज़िंदगी ही तोड़ देते हैं।

बैंक मेरा अकाउंट सुरक्षित रखने में नाकामयाब रहा और नुकसान के लिए वही ज़िम्मेदार हैं। इसलिए मैं आईसीआईसीआई बैंक से मेरी पाई-पाई चुकाने की मांग करता हूं।

मैं अपने दोस्तों से भी ये कहना चाहता हूं कि धोखेबाज़ों से सावधान रहें। जिन लोगों के बारे में हम ये सोचते हैं कि वे हमें सुरक्षा दे रहें हैं, असल में वो ही हमसे पंगा ले रहे होते हैं।”

शाश्वत की पोस्ट के बाद, बैंक ने हुई असुविधा पर खेद जताते हुए इस मामले में संज्ञान लेने को लेकर आश्वासन दिया है। बैंक की ओर से उनकी पोस्ट पर जवाब दिया गया:

हाल के दिनों में आधार कार्ड लिंक कराने के बहाने जालसाज लोगों को फोन कर रहे हैं। हड़बड़ी में कई लोग जालसाजों को अपने आधार कार्ड का नंबर, एटीएम कार्ड का नंबर, पिन सहित कई निजी जानकारियां दे देते हैं। इसका फायदा उठाकर जालसाज ठगी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे में आप जो भी करें, सोच समझकर करें और सावधानी बरते।

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