फिंगरप्रिंट्स नहीं होने की वजह से गई नौकरी, नहीं बन रहा आधार कार्ड

author image
Updated on 21 Jun, 2017 at 5:01 pm

Advertisement

सरकार ने कई कामों के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। इसके चलते उन लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके पास अभी आधार कार्ड नहीं है या उनका किसी विशेष कारण की वजह से आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है।

ऐसे ही एक शख्स हैं दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके के रहने वाले 27 साल के ललित कुमार, जिनका आधार कार्ड नहीं बन पाया है। दरअसल, ललित के हाथों में लकीरें यानी फिंगर प्रिंट नहीं है, जिसकी वजह से न केवल उनका आधार कार्ड बनने में दिक्कत आ रही है, बल्कि उन्हें अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ी है।

ललित के हाथों में बचपन से ही लकीरें नहीं है। यह दरअसल एक बीमारी की स्थिति है। इस बीमारी को पामोप्लांटर केरेट्रोड्रमा कहा जाता है। यह एक जनेटिक बीमारी है, जिसमें इंसान के फिंगर प्रिंट्स नहीं होते हैं। यह एक अत्यंत दुर्लभ डिसऑर्डर है। हालांकि, इसमें उस इंसान में शारीरिक या स्वास्थ्य से संबंधित अन्य समस्याएं नहीं होती हैं।

ललित कुमार को इस डिसऑर्डर के चलते कई समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है। ललित को नौकरी से निकाल दिया गया। वह गृह मंत्रालय के एक विभाग में कॉन्ट्रैक्ट पर बतौर डेटा एंट्री ऑपरेटर का काम करते थे। वहां उन्होंने 1 अगस्त 2016 से लेकर 4 जनवरी 2017 तक अपनी सेवाएं दी, लेकिन उन्हें तनख्वाह सिर्फ नवम्बर 2016 तक की ही मिली। नवम्बर के बाद उनके कार्यलय में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू किया गया, लेकिन रोजाना अटेंडेंस में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती थी। इसी कारण उन्हें आगे की सैलरी नहीं दी गई और बाद में उन्हें नौकरी से भी निकाल दिया गया।

वहीं, आधार कार्ड बनाने को लेकर भी उन्हें प्रगति मैदान स्थित आधार कार्ड ऑफिस के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ललित बताते हैं कि जब शुरू में आधार कार्ड बन रहा था तो उस समय तो उनका आधार कार्ड बन गया था, लेकिन अब अपडेट करने में दिक्कत हो रही है। वह पिछले एक साल से आधार कार्ड ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।



ललित के पास दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल से प्रमाणित एक सर्टिफिकेट भी है, जिसमें  लिखा हुआ है कि मेडिकल वजह से उनके हाथ में रेखाएं नहीं है, जिससे फिंगर प्रिंट नहीं दर्ज होंगे। इसके बावजूद उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। नौकरी न मिलने की वजह से वह पिछले 6 महीनों से बेरोजगार हैं। अब उन्होंने मदद की गुहार लगाते हुए पीएम मोदी को चिट्टी लिखी है। उन्होंने चिट्टी में नियमों में छूट देने की मांग की है।

हर जगह से मिल रही निराशा को लेकर उन्होंने चिट्टी में लिखा है कि जिनके फिंगर प्रिंट्स नहीं हैं, क्या वो अच्छी नौकरी या जीने के हकदार नहीं है? उन्होंने पीएम मोदी से आधार कार्ड के नियमों में संशोधन करने को लेकर आह्वान किया है, ताकि उनका आधार कार्ड जल्द से जल्द अपडेट हो सके।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement