स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत बनाए गए 60 फीसद शौचालयों में पानी की व्यवस्था ही नहीं: सर्वे

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Updated on 14 May, 2017 at 3:25 pm

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2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री मोदी के न्रेतत्व में इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। लेकिन बीते इन सालों में स्थिति में ज्यादा सुधार दर्ज नहीं किया गया है। एनएसएसओ के एक सर्वे के अनुसार, देशभर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए करीबन 10 में से 6 शौचालयों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति होती ही नहीं है।

इस सर्वे में कहा गया है कि 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में काबिज होने के बाद, देश में करीबन 3.5 करोड़ शौचालय बने। लेकिन अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो इन शौचालयों का इस्तेमाल नहीं करते। 55.4% लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर है क्योंकि शौचालयों में पानी की व्यवस्था ही नहीं है।

एनएसएसओ ने 1 लाख घरों के नमूने लेकर यह रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में देश में स्वच्छता विषय पर भी बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वच्छता नहीं होने के कारण  ग्रामीण इलाकों में लगभग 833 मिलियन और शहरों में 377 मिलियन लोगों को स्वस्थ्य की गंभीर बिमारी से जूझना पड़ता है।



सर्वे में कहा गया है कि पंजाब, असम और ओडिशा राज्यों में सार्वजनिक शौचालयों की सुलभता और साफ़-सफाई के लिए कोई संस्था भी नहीं है। सर्वे के अनुसार,  40 फीसद गांव के शौचालय किसी ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े हुए थे ही नहीं।


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