इंजीनियरिंग करने वाले 60 फीसदी छात्र रह जाते हैं बेरोजगार, नहीं मिलती नौकरी

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Updated on 26 Mar, 2017 at 8:10 pm

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देश में हर साल लगभग 8 लाख छात्र इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट होते है। लेकिन उनमें से 60% इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को नौकरी ही नहीं मिल पाती है। ये चौकाने वाला खुलासा भारत सरकार द्वारा जारी एक रिपोर्ट में किया गया है।

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अनुसार, देश के अलग-अलग टेक्न‍िकल इंस्टीट्यूट से  हर साल पास होने वाले 8 लाख इंजीनियर में से 60 प्रतिशत से ज्यादा बेरोजगार रह जाते हैं।

आगे रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन 3,200 संस्थानों में इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स की पढ़ाई कराई जाती है, उनमें से सिर्फ 15 प्रतिशत ही नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडेशन यानी कि (NBA) से मान्यता प्राप्त हैं। वहीं, एक फीसदी से कम इंजीनियरिंग छात्र ही समर इंटर्नशिप में हिस्सा लेते हैं।


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इन छात्रों के पास डिग्री होने के बावजूद, अच्छा प्रशिक्षण न मिलने के कारण नौकरी पाना मुश्क‍िल हो जाता है।

ऐसे में इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बढ़ती इस समस्या को खत्‍म करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत की टेक्‍निकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव करने की योजना बना रहा है। इस बदलाव के तहत मंत्रालय जनवरी 2018 से सभी टेक्‍निकल इंस्‍टीट्यूशन के लिए एकमात्र नेशनल इंट्रेंस एग्‍जामिनेशन की व्यवस्था करने की योजना में है।

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