मुस्लिम लड़कियों पर मोदी सरकार मेहरबान, शादी के वक्त मिलेगा 51 हजार का शगुन

Updated on 7 Aug, 2017 at 6:01 pm

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केन्द्र सरकार ने मुस्लिम समुदाय की लड़कियों के लिए बड़ा फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नरेन्द्र मोदी की सरकार मुस्लिम लड़कियों के लिए एक नयी योजना शुरू करने जा रही है, जिसके तहत उन्हें शादी के वक्त 51 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन(MAEF) ने मुस्लिम लड़कियों की मदद के लिए यह कदम उठाने का फैसला किया है।

इस योजना का नाम ‘शादी-शगुन’ दिया गया है।

बताया गया है कि इस स्कॉलरशिप योजना के तहत जो मुस्लिम लड़की स्नातक की परीक्षा पास करेगी, उसे शादी के वक्त सरकार 51 हजार रुपए देगी। माना जा रहा है कि सरकार की यह योजना मुस्लिम लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करेगी।

मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के मुताबिक, इस योजना का मकसद सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम लड़कियों और उनके अभिभावकों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करना है कि लड़कियां विश्वविद्यालय या कॉलेज स्तर की पढ़ाई पूरी कर सकें।


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मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन ने इस फैसले के अलावा भी कुछ अन्य फैसले किए हैं। नये फैसलों के मुताबिक, अब 9वीं और 10वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाली मुस्लिम बच्चियों को 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। अब तक 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने वाली मुस्लिम लड़कियों को 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिल रही थी।

मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष शाकिर हुसैन अंसारी कहते हैंः

“आर्थिक तंगी की वजह से मुस्लिम समाज के एक बड़े हिस्से में आज भी मुस्लिम बच्चियों को उच्च शिक्षा नहीं मिल पाती है। हमारा मकसद बच्चियों और खासकर अभिभावकों को प्रोत्साहित करना है कि लड़कियां कम से कम स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करें।”

अंसारी ने मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के इस पहल का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को दिया है।

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