4 साल के नन्हें क्रिकेटर के बड़े चर्चे, स्कूल की अंडर-12 टीम में सेलेक्ट होकर बिटोरी सुर्खियाँ

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Updated on 24 Jul, 2016 at 11:25 am

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भारत में क्रिकेट को एक धर्म की तरह माना जाता है, इसलिए इस खेल के प्रति दीवानगी इस देश के हर घर में देखने को मिल जाती है। ये हम सब जानते हैं कि क्रिकेट के लिए इस देश में प्रतिभा की कोई कमी नही है, लेकिन 4 साल के इस छोटे बच्चे को जो बात ख़ास बनाती है, वो है इसकी काबिलियत, इसका हुनर। यही बात इसे हम आप से दूर एक अलग मुकाम पर खड़ा कर देती है।

तो मिलिए 4 साल के शायन जमाल से जो स्कूल की अंडर-12 टीम में सेलेक्ट होकर अपने हुनर का जौहर दिखाने को तैयार है।

शायन के पिता अरशद जमाल के अनुसार जब वह मात्र 1 साल का था, तो अपनी नज़रे टीवी से नही हटाता था, जब कभी भी क्रिकेट मैच आ रहा होता था। 3 साल की उम्र में वो पहली बार विकेटों के सामने खड़ा हुआ और उसके 1 साल बाद ही स्कूल की अंडर-12 टीम में चयन हो गया जो अरशद के लिए गर्व की बात है।

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दिल्ली के संगल विहार के हमदर्द पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले शायन जमाल विराट कोहली से काफ़ी प्रभावित है। शायन कहता हैः

“मैं विराट कोहली की तरह एक दिन भारत के लिए खेलना चाहता हूं। मुझे विराट बहुत पसंद हैं और वो अच्छे बैट्समैन हैं।”

शायन को क्रिकेट विरासत में मिली है। शायन के पिता अरशद जमाल क्लब स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं और अभी दिल्ली में ही छोटा-मोटा बिजनेस करते हैं, लेकिन सही तौर पर वही नन्हे शायन के मार्गदर्शक हैं। अरशद कहते हैं:

“शायन की क्रिकेट की नॉलेज और क्रिकेट खेलने की चाहत काफी अच्छी है। अगर मैं उसे 1-2 दिन का ब्रेक दे देता हूं तो वो पूछने लगता है कि हम नेट्स में प्रैक्टिस करने क्यों नहीं जा रहे। मेरे दोस्तों और परिवारवालों का मानना है कि मैं उस पर समय बर्बाद कर रहा हूं। लेकिन मेरा मानना है कि भगवान ने उसे टैलेंट दिया है और मैं उस टैलेंट के साथ अन्याय नहीं कर सकता। मुझे यकीन है कि भगवान उसे सही राह दिखाएंगे।”

शायन जमाल की क्रिकेट टैक्निक काफी अच्छी है। वह जानता है कि बॉल को कब खेलना चाहिए और कब छोड़ना चाहिए। शायन कहता है:

“मुझे क्रिकेट खेलना पसंद हैं। मैं और ज्यादा क्रिकेट खेलना चाहता हूं और मुझे फील्डिंग करना भी पसंद है।”

खैर, अभी शायन के भविष्य के बारे में कहना थोडा जल्दबाजी होगा। लेकिन इतना यकीन से कह सकता हूँ इस छोटी सी उम्र में जब बच्चों को ढंग से बैट भी पकड़ना नही आता, वहाँ अगर शायन जैसा प्रतिभावान देखने को मिले. तो निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में देख सकता हूँ।


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