सूखे में आस बन कर उभरी यह महिला, प्‍यास बुझाने के लिए खोद डाले 190 कुएं

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Updated on 12 May, 2017 at 6:35 pm

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केरल 100 साल के सबसे बड़े सूखे का सामना कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां के लोगों को पीने के पानी के लिए भी मोहताज होना पड़ रहा। ऐसे में एक महिला इस राज्यवासियों के लिए देवी बन कर उभरी हैं, जिनके हौसले की कहानी आज हर किसी की जुबां पर है।

केरल के पलक्कड़ से ताल्लुक रखने वाली पी. अम्मीनी ने सूखे से उबारने के लिए पुराना किंतु कारगर तरीका निकाला है। वह पिछले 6 महीनों में अपने जिले की अलग-अलग जगहों पर 190 कुएं खोद चुकी हैं।

अम्मीनी न केवल केरल में बल्कि पूरे सूखे से ग्रस्त कई राज्यों में एक मिसाल के तौर पर उभर रही हैं।azabgazab

अम्मीनी बताती हैं कि उन्हें ये ख्याल तब आया, जब पिछले साल एक गांव की महिला कुछ लीटर पानी की वजह से खुद को बेचने के लिए मजबूर हो गई थी।

सूखे की स्थिति और गिरते भू जल स्तर को देखते हुए हालांकि केरल सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें राज्य में बोरवेलों की खुदाई पर प्रतिबंध से लेकर क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश कराने की योजना है, लेकिन पी.अम्मीनी अपने प्यासे लोग के लिए आस बन कर आई हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अनोखी टीम में जुड़ी इन महिलाओं को मनरेगा के तहत वेतन दिया जाता है, लेकिन अम्मीनी इस नेक काम के बदले औरों से कम मजदूरी लेती हैं।


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मीडिया से अपने हौसले की कहानी साझा करते हुए अम्मीनी बताती हैं कि शुरुआत में उनके साथ काम करने से महिलाएं कतराती थीं। पर आज उनकी लगन और सूखे से निपटने के अभियान में 300 महिलाएं जुड़ चुकी है। ये महिलाएं बड़ी आसानी ने 60 से 80 फ़ीट तक का गड्ढा खोद कर इस आपदा से निपटने की हिम्मत रखती हैं।

अम्मीनी के साथ टीम में 300 महिलाएं हैं, जो इनकी इस काम में मदद करती हैं।jansatta

अम्मीनी न केवल केरल में बल्कि पूरे सूखे से ग्रस्त कई राज्यों में एक मिसाल के तौर पर उभर रही हैं। आज जिले के कई गांवों को अम्मीनी के कारण पानी मिल गया है। टॉपयॅप्स पी. अम्मीनी और उनकी टीम के जज्बे को सलाम करता है।

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