U-19 वर्ल्ड कप का यह स्टार खिलाड़ी आज है इनकम टैक्स ऑफिसर, जानिए अन्य खिलाड़ी कहां है अब

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Updated on 2 May, 2017 at 4:12 pm

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आपको याद ही होगा जब धोनी ने एक युवा टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर हराने का कारनामा किया था। जहां एक ओर 2008 में भारतीय क्रिकेट टीम ने धोनी की कप्तानी में सीबी सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया था। वहीं विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने मलेशिया में हुए वर्ल्डकप का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया।

उस वक्त की भारतीय अंडर-19 टीम के खिलाड़ियों के लिए इतना बड़ा टूर्नामेंट जीतना उनके करियर का सबसे पड़ाव रहा। जहां कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर अपने आपको काबिज रखने में कामयाब रहे, तो कई ने क्रिकेट को अलविदा कहकर मैनेजमेंट और इनकम टैक्स ऑफिसर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है।

साल 2008 में भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जीताने वाले खिलाड़ी अब क्या कर रहे हैं आइये डालते हैं उस पर एक नजर:

विराट कोहली

विराट कोहली को किसी परिचय की जरूरत नहीं है। अंडर 19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाले कोहली ने भारत को जीत दिलाई।

2008 में ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में एक शतक जड़ने के बाद कोहली को 2008 में श्रीलंका के खिलाफ खेलने का मौका मिला। विराट के करियर की शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन फिर एक साल तक उन्हें टीम से बाहर रहना पड़ा।

2009 में दिल्ली के लिए उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। दिल्ली के लिए खेली अपनी पारी की बदौलत विराट साल के आखिरी तक भारतीय टीम में दुबारा जगह बनाने में कामयाब रहे।

इसके बाद विराट ने दोबारा पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2011 में वर्ल्ड कप की टीम में उनका चुनाव कर लिया गया। तब से लेकर अब तक विराट ने भारतीय टीम के लिए कई अहम पारियां खेली हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बदौलत अपने टैलेंट का लोहा मनवाया है।

साल 2014 में विराट भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने। वहीं साल 2017 में धोनी के क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने के बाद कोहली को भारतीय क्रिकेट टीम की कमान सौंपी गई। आज विराट की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में होती है।

रविन्द्र जडेजा

रविन्द्र जडेजा आज टीम इंडिया में एक बेहतरीन ऑलराउंडर की भूमिका अदा कर रहे हैं। जडेजा ने अंडर 19 वर्ल्ड कप में बतौर उपकप्तान अपनी भूमिका अदा की थी। अंडर 19 वर्ल्ड कप में उन्हें बल्लेबाजी का मौका तो कम ही मिला, लेकिन वह भारत के सबसे सफल गेंदबाज बने। जडेजा ने 10 विकेट झटके थे।

फिर साल 2009 में जडेजा ने एकदिवसीय क्रिकेट और टी-20 में श्रीलंका के दौरे से अपना डेब्यू किया था। जडेजा ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखें हैं। उनके प्रदर्शन में निरन्तरता की कमी के चलते उन्हें कई बार आलोचना भी झेलनी पड़ी।

लेकिन साल 2013 में जडेजा ने आईसीसी चैंपियंस ट्राफी में बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया। वह आईसीसी चैंपियंस ट्राफी में विजेता भारतीय टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे।

अभी जड़ेजा भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी है क्योंकि उनकी गेंदबाजी जहां विपक्षी बल्लेबाजों को चकमा देने में कारगर है, वहीं उनकी  बल्लेबाजी भी टीम के लिए कई मौकों पर उपयोगी साबित हुई है।

तन्मय श्रीवास्तव

हैरानी की बात है कि तन्मय अंडर 19 वर्ल्डकप 2008 मे भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनकर उभरे थे। 6 मैचों में 52 के औसत से तन्मय ने 262 रन बनाए थे।

वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। लेकिन बड़े स्तर पर उन्हें मौके नहीं मिल पाए। अभी वह वर्तमान में यूपी की तरफ से खेलते हैं।

तरुवर कोहली

तरुवर कोहली अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज थे। इस टूर्नामेंट में तरुवर ने 3 अर्ध शतक भी जड़े थे।


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अंडर-19 वर्ल्ड कप में तरुवर ने 43 के करीब औसत से 218 रन बनाए थे। मौजूदा समय में वह पंजाब की ओर से खेल रहे हैं। उनकी फॉर्म उनके करियर में सबसे बड़ा रोड़ा रही है। पंजाब में अपनी मजबूत जगह बनाने के लिए वह मेहनत कर रहे हैं।

अभिनव मुकुंद

इस खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जगह तो जरूर मिली, लेकिन वह मिले मौकों को बुनाने में असमर्थ रहे। मुकुंद को साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला था। लेकिन खराब फॉर्म के चलते उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा।

वर्तमान में मुकुंद का इस साल घरेलू स्तर पर प्रदर्शन अच्छा रहा है तो उम्मीद है कि लम्बे फॉर्मेट में वह भारतीय टीम में दोबारा जगह बना सकते हैं।

श्रीवत्स गोस्वामी

2008 के अंडर 19 वर्ल्ड कप में श्रीवत्स गोस्वामी टीम में बतौर विकेटकीपर थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 6 पारियों में 152 रन बनाए।

आईपीएल में भी इन्हें आरसीबी की ओर से खेलने का मौका मिला। लेकिन फॉर्म ने उनका साथ नहीं दिया और वह बड़े स्तर पर मौका पाने में असमर्थ रहे। फिलहाल वह बंगाल की तरफ से खेलते हैं।

मनीष पाण्डेय

मनीष पाण्डेय के लिए अंडर 19 वर्ल्ड कप कुछ खास नहीं रहा। वह अपने बल्ले से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे पाए। मनीष आईपीएल के पहले सीजन में मुंबई इंडियन टीम का हिस्सा रहे, जिसके बाद 2009 में आरसीबी की टीम से जुड़ गए। जहां वह आईपीएल टूर्नामेंट के इतिहास में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने।

अभी मनीष आईपीएल में कोलकाता की टीम से खेल रहे हैं। उनके प्रदर्शन में लगातार स्थिरता रही है, यहीं कारण है कि वह भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं।

सौरभ तिवारी

साल 2008 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में सौरभ तिवारी एक प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में उभरे थे, लेकिन फॉर्म का साथ उन्हें नहीं मिला। हालांकि, 2010 में आईपीएल में मुंबई इंडियनस की ओर से खलेते हुए उन्होंने अपने शानदार खेल का परिचय दिया था।

इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्हें भारतीय टीम में जगह भी मिली। लेकिन अपनी खराब फॉर्म के चलते उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। अभी मौजूदा समय में वह झारखंड टीम के कप्तान है।

इक़बाल अब्दुल्ला

अंडर 19 वर्ल्डकप में इक़बाल अब्दुला भारत के बेहतरीन गेंदबाज़ बनकर सामने आये थे। इक़बाल ने 13 के औसत से 10 विकेट झटके थे।

आईपीएल में अब्दुला केकेआर की ओर से लम्बे समय तक खेले . फिर उसके बाद वह आरसीबी की टीम में गए, जहां वह टीम के नियमित खिलाड़ी रहे हैं।

अजितेश अर्गल

अजितेश अर्गल ने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन कर भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया था। अजितेश ने फाइनल मैच में 7 रन देकर 2 विकेट लिए थे। उन्हें उनके प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द मैच भी मिला था।

लेकिन बाद में प्लेयर ऑफ़ द मैच रहा यह खिलाड़ी बड़ौदा की टीम से अन्दर बाहर होता रहा। वह पिछले 9 सालों में मात्र 19 प्रथम श्रेणी के मैच ही खेल पाए हैं। अभी वर्तमान समय में वह वड़ोदरा में इनकम टैक्स विभाग में बतौर निरीक्षक काम कर रहे हैं।

पेरी गोयल

पेरी गोयल विश्व कप जीतने वाली टीम के तीसरे ऐसे सदस्य थे, जिन्हे टूर्नामेंट में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। यहां तक कि वह अपने घरेलु टीम पंजाब और किसी अन्य टीम की ओर से नहीं खेलें। इसके बाद उन्होंने मैनेजमेंट को अपना करियर चुना। अभी मौजूदा समय में वह रियल एस्टेट कंपनी आरएसजी ग्रुप के डायरेक्टर हैं।

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