जानलेवा ब्लू व्हेल गेम की चपेट में केंद्रीय विद्यालय के 20 छात्र

Updated on 21 Sep, 2017 at 6:56 pm

ब्लू व्हेल गेम। इस ऑनलाइन गेम को बच्चों के लिए सबसे खतरनाक माना जा रहा है। बच्चे इस गेम की चपेट में आ रहे हैं। देश भर में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जब बच्चे इस गेम की चपेट में आकर जान से हाथ धो बैठे। इसे तकनीकी युग का दुष्प्रभाव भी कह सकते हैं कि आए दिन इस गेम को खेलकर मरने वालों की खबर दुनिया भर से आती रहती है।

इस गेम की खासियत यह है कि पहले तो खेलने वाला इसमें फंसता है और फिर यह अंततः उसकी जान ले लेता है। इसे खेलने वाले लोग इस कदर फंस जाते हैं कि उनके लिए जान देना ही अंतिम विकल्प हो जाता है। यह सीधे दिमाग को गुलाम बना लेता है और कई चुनौतियों के जरिए खेलने वाले को मौत के मुंह तक ले जाता है।

ताजा मामला कर्नाटक के एक स्कूल का है।

कर्नाटक के एक केन्द्रीय विद्यालय में इस जानलेवा गेम को खेलते हुए 20 बच्चों को पकड़ा गया है, जिन्होंने अपने हाथ पर भी गेम के अनुसार कट के निशान लगाए थे। कर्नाटक के बेलगावी जिले में स्थित केन्द्रीय विद्यालय ने स्कूल के लगभग 20 छात्रों को मौत के मुंह में जाने से रोक लिया। स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन को शक था कि ये बच्चे गेम खेल रहे हैं।


Advertisement

इस खबर के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय की 8वीं और 10वीं क्लास के 20 छात्र ख़तरनाक ब्लू व्हेल चैलेन्ज गेम खेल रहे थे, जिनमें 16 लड़के और 4 लड़कियां थीं। शिक्षकों ने इन सभी के हाथों पर चाकू के काटने के निशान देखकर अंदाजा लगाया कि वे ब्लू व्हेल चैलेंज खेल रहे हैं। जब बच्चों से इस विषय में बात किया गया तो वे अलग-अलग बहाने बनाने लगे।

स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में पैरेंट्स को बुलाकर जानकारी दी तथा बच्चों के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था की गई और उन्हें इस खेल के दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया। जबकि प्रिंसिपल ने बताया कि कई बच्चे अन्य छात्रों को आकर्षित करने के लिए हाथ पर निशान बना रखे थे।

बता दें कि ब्लू व्हेल चैलेंज के एडमिनिस्ट्रेटर खेलने वाले को 50 टास्क देता है, जिनको उस चैलेंज को फ़ॉलो करना पड़ता है। पहले तो हल्के और आकर्षक टास्क दिए जाते हैं, फिर बाद में खतरनाक टास्क देकर जान लेने की कोशिश की जाती है। हद ये है कि खेलने वाले खुद अपनी जान के पीछे पड़ जाते हैं।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement