कीटनाशकों का छिड़काव करने वाले 20 किसानों की मौत, 700 से अधिक अस्पताल में भर्ती

Updated on 8 Oct, 2017 at 6:38 pm

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महाराष्‍ट्र के यवतमाल में कीटनाशकों के सम्पर्क में आकर कम से कम 20 किसानों के मरने की खबर है। जबकि 700 से अधिक किसान अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 25 किसानों की आंखों की रोशनी चली गई है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक ये किसान अपनी कपास की फसल को कीड़े से बचाने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव कर रहे थे।

जहरीली दवा की वजह से हादसा

कीटनाशक आमतौर पर जहरीले ही होते हैं। महाराष्ट्र में किसान कपास की फसल को कीड़े से बचाने के लिए प्रोफक्स सुपर नामक दवा का छिड़काव कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कीटनाशक दवा जरूरत से ज्यादा जहरीला है। इसकी जांच की जा रही है। अगर यह आशंका सही होती है तो इस पर पाबंदी लगाई जाएगी।

माना जा रहा है कि अधिकतर किसानों को कीटनाशकों के सही से इस्तेमाल की जानकारी नहीं है। और यही वजह है कि वे इसकी चपेट में आ रहे हैं।


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वसंतराव नायक शेती स्‍वाबलंबन मिशन के प्रमुख किशोर तिवारी का कहना हैः

“संभवतः किसानों ने दवा का छिड़काव करते समय जरूरी सावधानियां नहीं बरतीं। किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए और छिड़काव के समय उन्हें चेहरे को ढंक कर रखना चाहिए। इस समय धूप भी काफी तेज है और ऐसे मौसम में इस दवा का छिड़काव करने से बचना चाहिए था।”



महाराष्ट्र में यह घटना किसानों के लिए दोहरी मार साबित हुई है। यहां लंबे समय से किसान कर्ज व सूखे की वजह से आत्महत्या करते रहे हैं। लेकिन अब कीटनाशकों की वजह से हो रही मौत की वजह से लोग भयभीत हैं।

प्रोफक्स सुपर के छिड़काव से पहले शरीर का पूरी तरह ढका होना जरूरी है। यदि नाक पर भी कपड़ा नहीं लगाया होगा तो यह सांस के सहारे शरीर के अंदर चला जाता है और इंसान की जान ले लेता है। इसको छिड़कने से पहले एप्रन पहनना भी बेहद जरूरी होता है।


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