गुजरात में जुरासिक काल के जीवाश्म मिले हैं, यह 1500 लाख साल पुराना है

Updated on 27 Oct, 2017 at 7:14 pm

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भारत में पहली बार पुरातन जीवाश्म मिले हैं, जो जुरासिक काल के हैं। 1500 लाख साल पुराने समुद्री जीवाश्म का मिलना बड़ी वैज्ञानिक सफलता मानी जा रही है।

ये जीवाश्म गुजरात के कच्छ में भारतीय और जर्मन वैज्ञानिकों की टीम को मिले हैं। 5.5 मीटर लंबे ये जीवाश्म समुद्री प्रजाति के हैं, जिससे वैज्ञानिकों को उपमहाद्वीप में जीवन और प्रकृति के कुछ रहस्यों के अनुसंधान में मदद मिल सकती है। बताया जा रहा है कि ये जीवाश्म मीन सरीसृप अथवा इश्थियोसॉर्स (मीन छिपकली) का है।

लगभग 1500 घंटों की मशक्कत के बाद वैज्ञानिकों की टीम को जीवाश्म निकालने में सफलता मिली। टीम अपने रूटीन काम में कच्छ में लगी थी, तभी उन्हें इस जीवाश्म के संकेत मिले। जीवाश्म को देखकर वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये किसी बड़े शॉर्क या समुद्री जीव का होगा। इसके उत्पत्ति का समय 2500 से लेकर 900 लाख साल पहले का बताया जा रहा है।


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दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गुंटुपल्ली वी.आर. प्रसाद के नेतृत्व में अनुसंधान टीम काम कर रही थीं। उन्होंने इस खोज पेपर का नाम ‘फर्स्ट इस्थीसॉर फ्रॉम द जुरासिक ऑफ इंडिया’ रखा है। आकृति विज्ञान की स्टडी कहती है कि यह ऑप्थलमोसोरीडे परिवार का जीव है, जो करीब 16.5 करोड़ से नौ करोड़ साल पहले पृथ्वी पर रहता था।



प्रोफेसर प्रसाद का कहना हैः

“इस नए जीवाश्म का मिलना एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि है। इससे जुरासिक काल में भारत की भौगोलीय और प्राकृतिक संरचना, वन्य-समुद्री जीवों के बारे में जानने की दिशा में अनुसंधान को बल मिलेगा। साथ ही इससे जुरासिक काल में अन्य महाद्वीपों के साथ भारत के जैविक संबंधों का भी ज्ञान होता है।”

इश्थियोसॉर्स (मीन छिपकली) जीवाश्म संबंधी रिकॉर्ड इससे पहले उत्तर अमेरिका और यूरोप में पाये गये थे। इस वैज्ञानिक खोज के सम्बन्ध में जानकारी प्लस वन जर्नल में प्रकाशित की गई है।


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