पवित्र संख्या 108 से संबंधित 11 आश्चर्यजनक बातें जिनके बारे में आपको शायद नहीं पता होगा

Updated on 21 Jul, 2017 at 8:42 pm

Advertisement

भारतीय मान्यताओं के मुताबिक महाअष्टमी के दिन माँ दुर्गा की पूजा करने के लिए 108 कमल के फूल और 108 दीयों का उपयोग किया जाता है। हिन्दू और बौद्ध धर्म में प्रार्थना या ध्यान लगाने के लिए जिस जप माला का उपयोग किया जाता है, उसमे भी 108 मनके होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो संख्या 108 हमारी हमारे जीवन में किसी न किसी माध्यम से जुड़ी हुई है।

कभी आपने इस बात पर गौर किया है, कि ऐसा क्यों है? इस विशेष संख्या की इतनी व्यापक उपस्थिति क्यों है? इसे इतना शुभ क्यों माना जाता है? धार्मिक अध्ययनों के छात्रों के मुताबिक, यह एक ऐसी रहस्यमय संख्या है जो जादुई रूप से प्राचीन और आधुनिक युग को जोड़ती है। आज हम आपको संख्या 108 के बारे में ऐसी कुछ आश्चर्यजनक बातें बताने जा रहे हैं जो शायद आपको नहीं पता है। यह संख्याओं में आपके विश्वास को और मजबूत करेगी।

1. वैदिक विज्ञान के अनुसार 108 सृजन का आधार है।

यह हमारे अस्तित्व को दर्शाता है और अपने आप में पूरा ब्रह्माण्ड समाये हुए है। अगर हम प्रत्येक संख्या के पीछे के आधार को समझने का प्रयत्न करें तो इसे आसानी से समझा जा सकता है। संख्या ‘एक’ भगवान की चेतना का प्रतीक है। संख्या ‘शून्य’ शून्य का प्रतीक है, जबकि संख्या ‘आठ’ अनंत को दर्शाता है।

2. खगोल विज्ञान से भी इस संख्या का संबंध है।

विज्ञान में यह माना जाता है कि पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी सूर्य के व्यास का 108 गुना है, जबकि पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी चंद्रमा के व्यास का 108 गुना है। संस्कृत भाषा में 54 वर्ण हैं और जब आप 54 को 2 से गुणा करते हैं तो गुणाफल 108 आता है।

3. विभिन्न धर्मों में यह संख्या बहुत मत्वपूर्ण है।

प्राचीन काल से चली आ रही तिब्बती भिक्षुओं की प्रार्थना में जिस माला का उपयोग किया जाता है उसमे भी 108 मनके होते हैं। तिब्बती संस्कृति के अनुसार 108 विभिन्न प्रकार के ध्यान हैं। दिलचस्प बात है कि, प्रसिद्ध ‘गंद्जौर’ की एक प्रतिलिपि में भगवान बुद्ध के जीवन के आधार पर 108 संस्करणों के सिद्धांत शामिल हैं।

4. चीन में सबसे रहस्यमय और प्राचीन समाज हंग लीग भी संख्या 108 को शुभ मानते हैं।

इसके प्रमुख अनुष्ठानों में से एक को एक बर्तन में 108 विभिन्न प्रकार के पौधों को लगाया जाता है तथा दूसरे में एक बर्तन में लाल बांस से 108 ग्रोव लगाये जाते हैं।

5. जैन, सिख और बौद्ध धर्म में भी इस संख्या को शुभ माना जाता है।


Advertisement

6. संख्या 108 हिंदू ज्योतिष शास्त्र में भी विशेष महत्व रखती है।

हिंदू ज्योतिष के निर्धारित मानदंडों के अनुसार 12 राशि या राशि चक्र और 9 नवग्रह या ग्रह हैं। अगर कोई कुल राशियों और ग्रहों की संख्या गुणा किया जाए,  तो निष्कर्ष 108 आएगा। इसके अलावा, 27 नक्षत्र या चंद्रमा हैं, जिन्हें आगे 4 क्वार्टर या पैड में विभाजित किया गया है। अब, यदि आप इन दो नंबरों को फिर से गुणा करते हैं, तो आपको उत्पाद के रूप में 108 की शुभ संख्या प्राप्त होती है।

7. यदि आप कभी काठमांडू गये हैं, तो आपने भगवान बुद्ध का 108 छवियों से तैयार किया गया बौद्धनाथ स्तूप ज़रूर देखा होगा।

8. विश्व के सबसे प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक (प्रीहिस्टोरिक) स्मारकों में से एक,सरसेन सर्कल स्टोनहेज, का व्यास 108 मीटर है।

एशिया से बहुत दूर इंग्लैंड में स्थित होने के बावजूद स्टोनहेज के प्रत्येक स्तंभ आश्चर्यजनक रूप से फनोम बखेंज – कंबोडिया में एक प्राचीन शिव मंदिर और माउंट मेरु के समान है। खास बात यह है की इस मंदिर में 108 खूबसूरत टावर हैं।

9. भारतीय ब्रह्माण्ड विज्ञान और खगोल विज्ञान पर फ्रेन्च विशेषज्ञ ईकोले फ्रैन्ज़ीज़ ने कम्बोडिया के नोम बखेंज में छिपे एक गहरे प्रतीकात्मक अर्थ का खुलासा किया था।

इस मंदिर का 108 खूबसूरत टॉवर से घेराव किया गया है। इसमें विश्व के अक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाला केंद्रीय केंद्र है तथा 108 छोटे टावर हैं जो चार चंद्र चरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

10. यह माना जाता है कि प्रत्येक व्यक्ति की 108 विभिन्न प्रकार की भावनाएं होती हैं।

उनमें से 36 अतीत से बंधी हैं, 36 वर्तमान से और शेष 36 भविष्य से संबंध रखती हैं। इसके अलावा, मार्मा आदी और आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार, मानव शरीर में 108 दाब बिंदु होते हैं।

11. भगवान में विश्वास रखने वाले लोगों का मानना है की भगवान तक पहुँचने के 108 रास्ते हैं।

संख्या 108 के महत्व पर सूची काफी लंबी हो सकती है, क्योंकि इसका कोई अंत नहीं है। यह संख्या इसकी स्थापना के बाद से मानवता के साथ है और शायद अनंत काल तक साथ रहेगी।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement