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भारत में भी इन 10 जगहों पर पूजा जाता है रावण

Published on 30 September, 2017 at 10:53 am By

मर्यादा पुरुषोत्तम राम की धरती पर भी कई ऐसे जगह हैं, जहां रावण की पूजा होती है। दशहरे के दिन एक ओर जहां देश की राजधानी सहित कई हिस्सों में रावण दहन किया जाएगा, वहीं कुछ जगहों पर उसकी पूजा-अर्चना भी होगी। आइये जानते हैं कि राम के देश में कहां रावण की पूजा होती है।

 1. उत्तर प्रदेश में रावण की आरती


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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर में दशहरा के अवसर पर रावण की पूरे शहर में आरती उतारकर पूजा की जाती है। फिर उसकी प्रतिमा के टुकड़े कर लोग घर ले जाते हैं। जसवंतनगर में रावण की मौत के तेरहवें दिन रावण की तेरहवीं करने की परंपरा है।

2. कर्नाटक का लंकेश्वर महोत्सव

कर्नाटक के मंडया जिले के मालवल्ली तालुका में जहां रावण को समर्पित एक मंदिर है, वहीं कोलार जिले में लोग फसल महोत्सव के दौरान रावण की अर्चना करते हैं। कहा जाता है कि रावण शिवभक्त था। इसलिए यहां लंकेश्वर महोत्सव में भगवान शिव के साथ रावण की प्रतिमा का जुलूस निकला जाता है।

 3. उज्जैन में लंकेश की विशालकाय मूर्ति

उज्जैन जिले के चिखली ग्राम में रावण पूजन को लेकर मान्यता है कि यदि उसकी पूजा नहीं हुई तो गांव जलकर खाक हो जाएगा। गांव में ही रावण की विशालकाय मूर्ति स्थापित है और उसकी पूजा की जाती है।

4. जोधपुर में लंकाधिपति का मंदिर

जोधपुर के दवे, गोधा और श्रीमाली समाज के लोग रावण की पूजा-अर्चना करते हैं। शहर में ही लंकाधिपति रावण का मंदिर भी है। लोग मानते हैं कि जोधपुर रावण का ससुराल था तो कुछ मानते हैं कि रावण के वध के बाद रावण के वंशज यहां आकर बस गए थे। यहां के लोग अपने को रावण का वंशज मानते हैं।

5. हिमाचल प्रदेश में रावणदहन है महापाप



हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ कस्बा शिवनगरी के नाम से प्रसिद्ध है। रावण को यहां शिवभक्त मानते हैं और इसलिए उसकी पूजा भी करते हैं। मान्यता है कि यहां रावण शिव की तपस्या में लीन था। इसको दिखाते हुए एक मंदिर भी है। माना जाता है कि रावण ने यहां एक पैर पर खड़े होकर तपस्या की थी। शिव मंदिर के पूर्वी द्वार में खुदाई के दौरान एक हवन कुंड भी निकला था। कहा जाता है कि इस कुंड के समक्ष रावण ने हवन कर अपने 9 सिरों की आहुति दी थी और दशानन बना था।

6. मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण की पूजा

मध्यप्रदेश के मंदसौर नगर के खानपुरा क्षेत्र में रूण्डी नामक स्थान पर लंकाधिपति रावण की विशालकाय मूर्ति है, जहां उसकी आराधना की जाती है। किवदंती है कि रावण दशपुर (मंदसौर) का दामाद था। रावण की धर्मपत्नी मंदोदरी मंदसौर की बेटी थीं। इसके अलावा छिंदवाड़ा में भी रावण की पूजा की जाती है।

 7. दक्षिण भारत में होता है रावण-पूजन


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दक्षिण भारत में मान्यता है कि रावण परम ज्ञानी, पंडित, शिवभक्त था। दक्षिण भारत के कुछ स्थानों पर रावण के इन्हीं गुणों के कारण पूजते हैं।

8. बिसरख गांव में भी रावण का मंदिर

उत्तरप्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के बिसरख गांव में भी रावण का मंदिर बना हुआ है। मान्यता है कि गाजियाबाद शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर बिसरख गांव रावण की जन्मभूमि है। पहले इस गांव का नाम विश्वेशरा था, जो रावण के पिता विश्रवा के नाम पर रखा हुआ बताया जाता है।

9. महाराष्ट्र में रावण-मेघनाद को मानते हैं देवता

महाराष्ट्र के अमरावती और गढ़चिरौली जिले में कोरकू और गोंड आदिवासी रावण और उसके पुत्र मेघनाद को अपना देवता मानते हैं। यहां के लोग अपने ख़ास पर्व पर इन दोनों की पूजा करते हैं।

10. आंध्रप्रदेश में मछुआरा समुदाय के लोग पूजते हैं


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आंध्रप्रदेश के काकिनाड नामक स्थान पर रावण का मंदिर बना हुआ है। यहां पर लोग भगवान शिव के साथ उसकी भी पूजा करते हैं। विशेष रूप से मछुआरा समुदाय के लोग रावण का पूजन अर्चन करते है।

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