राजस्थान में आयोजित होने वाले ये 10 मेले और उत्सव लोकजीवन का हिस्सा हैं

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Updated on 19 Jul, 2017 at 11:33 am

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भारत के लोकजीवन में उत्सवों का एक अलग ही महत्व है। यही वजह है कि मेले और महोत्सव यहां आम हैं। और जब हम मेलों की बात करते हैं तो फिर राजस्थान का जिक्र किया जाना स्वाभाविक है। राजस्थान मेलों, उत्सवों और त्यौहारों का संगम है। मेले यहां के लोकजीवन का हिस्सा हैं और यही वजह है कि राजस्थान पूरी दुनिया में मशहूर है। हम यहां ऐसे ही 10 बड़े मेलों और उत्सवों का जिक्र करने जा रहे हैं।

1. ऊंट महोत्सव | बीकानेर | जनवरी

बीकानेर का ऊंट मेला कला और संस्कृति का मेला है। इस मेले में ऊंट ही आकर्षण का मुख्य केंद्र होता है। मेले में ऊंटों के बीच दौड़ कराई जाती है। इसके अलावा रेगिस्तानी इलाके के नृत्य और संगीत का भी नजारा दिखता है। बीकानेर ऊँट महोत्सव जनवरी महीने में दो दिनों के लिए आयोजित किया जाता है।

2. नागौर मेला | नागौर | फ़रवरी

नागौर पशु मेला राजस्थान के नागौर में लगता है। लोग यहां अपने पशु बेचने व खरीदने के लिए आते हैं। यह भारतवर्ष का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला भी है। मेला का आयोजित फरवरी माह में होता है।

3. मरू महोत्सव | जैसलमेर | फ़रवरी

राजस्थान के सबसे ऐतिहासिक उत्सव मरु महोत्सव देश-दुनिया में मशहूर है। फरवरी में आयोजित होने वाले मरु महोत्सव करीब तीन दिन तक चलता है, जिसमे अाप राजस्थान के विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं।

4. बेणेश्वर मेला | डूंगरपुर | फ़रवरी

डूंगरपुर से 60 किलोमीटर की दूरी पर बेणेश्वर मंदिर के परिसर में लगने वाला यह मेला भगवान शिव को समर्पित होता है। हर साल माघ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला बेणेश्वर मेला आदिवासियों का महाकुंभ कहा जाता है। इस मेले में स्थानीय आदिवासियों की संस्कृति की झलक का आनंद उठा सकते हैं।

5. गणगौर महोत्सव | जयपुर | मार्च

जयपुर में गणगौर महिलाओं का उत्सव नाम से भी प्रसिद्ध है। इस दिन कुवांरी लड़कियां एवं विवाहित महिलायें शिवजी और पार्वती जी की पूजा करती हैं। कुंवारी लड़कियां मनपसंद वर की कामना करती हैं तो विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।


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6. गज महोत्सव | जयपुर | मार्च

गज महोत्सव का विशेष आकर्षण हाथियों, घोड़ों और ऊँटों का जलूस होता है। हाथियों की दौड़ व पोलो की प्रतियोगिताएँ इस उत्सव की विशेषताएँ हैं। गज महोत्सव का आयोजन मार्च के महीने में होली के दिन किया जाता है। इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण गजश्रृंगार प्रतियोगिता होती है।

7. मेवाड़ महोत्सव | उदयपुर | अप्रैल

वसंत के आगमन की खुशी में मेवाड़ महोत्सव मनाया जाता है। तीन दिवसीय मेवाड़ समारोह का आगाज अप्रैल के महीने में किया जाता है। पिकोला झील इस समारोह की ख़ूबसूरती को अौर भी बढा देता है।

8. ग्रीष्म महोत्सव | माउंट आबू | मई

राजस्थान का एक मात्र पर्वतीय स्थल माउन्ट आबू में ग्रीष्म महोत्सव बडी धूमधाम से मनाया जाता है। ग्रीष्म महोत्सव हर वर्ष मई के महीने में पारम्परिक रूप से आयोजित किया जाता है।

9. मारवाड़ महोत्सव | जोधपुर | सितम्बर

मारवाड़ महोत्सव राजस्थान की लोक संस्कृति से रूबरू करवाती है। इस महोत्सव का अायोजान जोधपुर में बडी ही परम्परागत तरीके से किया जाता है। महोत्सव में राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती है। साथ ही इस महोत्सव में ऊंट पोलो अाकर्षण का केन्द्र रहते हैं।

10. पुष्कर मेला | पुष्कर | नवम्बर

पुष्कर मेला दुनिया में लगने वाला ऊंट का सबसे बड़ा मेला है। यह मेला हर साल नवंबर के महीने में लगता है। यहां होने वाले कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मेले को यादगार बना देते हैं। इस मेले में आने वाले पशु ही यहां का मुख्य आकर्षण होते हैं।

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