क्या आप जानते हैं कि ये 10 महान खोज भारत में ही हुए थे!

Updated on 24 Sep, 2017 at 6:23 pm

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भारत दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यहां मानव सभ्यता का इतिहास गौरवपूर्ण है। बड़े अनुसंधान और खोज यहां तब हो चुके थे, जब विश्व के कई देश जनविहीन या फिर जीवन को लेकर जद्दोजहद कर रहे थे। आज भी भारत के वैज्ञानिक इतने सक्षम हैं कि दुनियाभर के बड़े रिसर्च सेंटर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, इसरो सस्ते अंतरिक्ष अनुसंधान के मामले में नासा तक को मात दे रहा है। उसने अपने उपग्रहों को कक्षा में सफलतापूर्वक भेजने में महारत हासिल कर लिया है।

बहुत सी ऐसी बातें हैं जो हम नहीं जानते हैं कि हमारे देश ने ही दुनिया को कई अविष्कार और खोज दिए हैं, जिस पर हम सबको फख्र हो सकता है। आइए जानते हैं।

1. प्लास्टिक सर्जरी

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लगभग 2500 वर्ष पहले ही भारत ने सर्जरी के तरीके खोज लिए थे। सुश्रुत ने चिकित्सा तमाम अलग-अलग तरीकों को अपनी पुस्तक ‘सुश्रुत संहिता’ में समाहित किया है। यह साबित करता है कि चिकित्सा के मामले में इतिहास गौरवपूर्ण व पूर्ण वैज्ञानिक रहा है। सुश्रुत की सर्जरी विधियों से मेडिकल के क्षेत्र में रिसर्च करने वालों को बहुत मदद मिली है।

2. सूती वस्त्र

जब पुरातन ग्रीक के लोग जानवरों की खाल पहनते थे, तब भारत में लोग सूती वस्त्र पहनते थे। यह ईसा से चार-पांच हजार साल पुरानी बात है। न केवल सिन्धु घाटी सभ्यता में, बल्कि राजस्थान, कर्नाटक सहित देश के कई हिस्सों में लोग सूती वस्त्रों का उपयोग करते थे।

3. शैम्पू

हम में से अधिकतर लोग शैम्पू का व्यवहार करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शैम्पू का आविष्कार भारत में ही हुआ था। भारत ने ही दुनिया को बताया था कि बालों को फ्रेश रखने के लिए शैम्पू करना चाहिए। शैम्पू भारतीय शब्द चम्पू से बना है, जिसका अर्थ होता है, सर में मसाज करना। मुग़ल जमाने में विशेष प्रकार के पेस्ट से बंगाल के नवाब शैम्पू किया करते थे। यहीं से इसका चलन देखने को मिलता है।

4. शतरंज

शतरंज की शुरूआत भारत में हुई थी, वह भी ईसा से लगभग 600 साल पहले। गुप्तकाल में इसे चतुरंग कहा जाता था। पारस से होते हुए यह खेल यूरोपीय देशों तक पहुंचा।

5. ताश

क्या आप ताश खेलना जानते हैं? यह भारत में खासा लोकप्रिय खेल रहा है। विडियो गेम के जमाने से पहले ये टाइमपास का अच्छा जरिया हुआ करता था। प्राचीन काल में इसे ‘क्रीड़ापत्र’ कहा जाता था। रंगीन पत्तों का यह खेल शान-शौकत और रजवाड़ों के लिए खासा लोकप्रिय था। यह राजपूताना, मेरू (कश्मीर), उत्कल (उड़ीसा) सहित नेपाल के राजवाडों में खूब प्रसिद्ध था। मुगलकाल में भी इसे बड़े चाव से खेला जाता था।



6. सांप-सीढ़ी का खेल

हम सभी ने बचपन में सांप-सीढ़ी का खेल खेला होगा। क्या आप जानते हैं कि ये खेल भारत की ही देन है? प्राचीन काल में इसे चौपड़ या फिर पचीसी कहा जाता था। स्त्री-पुरुष सभी इसे चाव से खेलते थे। भारत में अंग्रेजों के आने के बाद इसे इंग्लैंड और फिर अमेरिका में लांच किया गया।

7. बटन

बटन का भी इस्तेमाल भारत से ही शुरू माना जाता है। सिन्धु घाटी सभ्यता में इसे आभूषण के रूप में पहना जाता था। आज ही हमलोग कुरता या फिर शेरवानी में शौक से गोल्डन बटन लगाते हैं। तह में जाने पर पता चलता है कि इसका इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है।

8. दन्त चिकित्सा

2001 में पाकिस्तान के अनुसंधानकर्ता ने पता लगाया कि हड़प्पा संस्कृति के लोग दंत चिकित्सा में पारंगत थे। इस विषय में जानकारी की घोषणा विज्ञान की पत्रिका ‘नेचर’ में साल 2006 में की गई और इसे मान्यता दे दी गई। खेती पर आधारित सभ्यता में दंत चिकित्सा का इतिहास रहा है। भारत में इसे करीब 9 हजार साल पुराना मानते हैं।

9. मोतियाबिंद ऑपरेशन

सर्जरी के पुरातन ग्रन्थ सुश्रुत संहिता में ही मोतियाबिंद ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी दी गई है। इसी से ज्ञात होता है कि भारत में ही आंख का यह ऑपरेशन शुरू हुआ था जिसे पश्चिमी देशों ने अपनाया।

10. फ्लश टॉयलेट

हड़प्पा की संस्कृति के लोग जलनिकासी की उत्तम व्यवस्था रखते थे। अवशेषों से ज्ञात होता है कि इस संस्कृति के लोग फ़्लश टॉयलेट का इस्तेमाल करते थे, जो जलनिकासी नली से जुड़ा होता था।

इसके साथ ही और भी बहुत सारे अनुसंधान हैं, जिसका जनक भारत ही है। लेकिन जागरूकता के अभाव में चीजों का पश्चिमीकरण हो गया है।


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